कंपनी का बड़ा फैसला: कब और क्यों?
Lerthai Finance Limited ने आज सूचित किया है कि कंपनी के 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स' (designated persons) और उनके करीबी रिश्तेदारों के लिए ट्रेडिंग विंडो 1 अप्रैल 2026 से बंद रहेगी। यह एक रेगुलेटरी कदम है जो कंपनी के मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष (Financial Year) के ऑडिटेड नतीजों (audited results) के ऐलान से पहले उठाया गया है।
क्या है 'ट्रेडिंग विंडो' का मतलब?
यह ट्रेडिंग विंडो कंपनी के पूरे साल के वित्तीय नतीजों की आधिकारिक घोषणा होने के 48 घंटे बाद ही दोबारा खोली जाएगी। कंपनी ने यह फैसला SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत उठाया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी के अंदरूनी सूत्रों (insiders) को नतीजों के सार्वजनिक होने से पहले कोई भी अंदरूनी जानकारी (non-public information) का फायदा न मिले और इनसाइडर ट्रेडिंग (insider trading) को रोका जा सके।
यह एक सामान्य प्रक्रिया
Lerthai Finance इस तरह के नियमों का पालन पहले भी करती रही है, ठीक वैसे ही जैसे वह पिछली तिमाही और सालाना नतीजों के ऐलान के वक्त करती है। यह भारतीय शेयर बाज़ार में लिस्टेड कंपनियों के लिए एक आम प्रक्रिया है, जो बाज़ार की इंटीग्रिटी (integrity) बनाए रखने और वित्तीय प्रदर्शन के पारदर्शी खुलासे को सुनिश्चित करती है। इस क्लोजर अवधि के दौरान, तय किए गए व्यक्ति कंपनी के शेयर्स (shares) की खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे।
