मुनाफे में 38% की बड़ी छलांग
Laxmi India Finance ने वित्त वर्ष 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में ₹36 करोड़ का मुनाफा कमाने वाली इस कंपनी ने इस बार ₹49.76 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 38% ज्यादा है। कंपनी की कुल आय (Total Income) भी ₹248.04 करोड़ से बढ़कर ₹319.59 करोड़ हो गई है। कंपनी को अपने वित्तीय नतीजों पर ऑडिटर की तरफ से एक क्लीन रिपोर्ट भी मिली है।
ग्रोथ के लिए ₹400 करोड़ जुटाएगी कंपनी
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹400 करोड़ तक का फंड नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर जुटाने को हरी झंडी दे दी है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने बिजनेस को विस्तार देने और लोन देने की क्षमता को मजबूत करने के लिए करेगी। NBFC सेक्टर की कंपनियां अक्सर ऐसे ही कर्ज के जरिए अपने ऑपरेशन्स और ग्रोथ को फंड करती हैं। यह कदम कंपनी के बैलेंस शीट को और मजबूत करेगा।
नई नियुक्तियां भी हुईं
फाइनेंशियल मामलों के अलावा, कंपनी ने कुछ अहम नियुक्तियों की भी घोषणा की है। M/s V.M. & Associates को अगले 5 साल के लिए सीक्रेटरियल ऑडिटर (Secretarial Auditor) नियुक्त किया गया है, जिससे कॉरपोरेट अनुपालन (Corporate Compliance) की निगरानी बेहतर होगी। इसके साथ ही, मिस्टर योगेश गर्ग को नया वाइस प्रेसिडेंट (VP) एचआर (HR) बनाया गया है, जो कंपनी के मानव संसाधन प्रबंधन और कर्मचारी जुड़ाव (Employee Engagement) की जिम्मेदारियां संभालेंगे।
मार्केट की नजरें
Laxmi India Finance, Shriram Finance Ltd, Cholamandalam Investment and Finance Company Ltd, और Edelweiss Financial Services Ltd जैसी कंपनियों के साथ NBFC सेक्टर में कॉम्पिटिशन करती है। ये कंपनियां कर्ज और शेयर जारी करके पूंजी जुटाती हैं। एनालिस्ट्स (Analysts) की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी ₹400 करोड़ का NCD इश्यू (Issue) कितनी शर्तों पर और कैसे सफलतापूर्वक पूरा करती है, और इस फंड का इस्तेमाल ग्रोथ के लिए कैसे किया जाता है।
31 मार्च 2026 तक, Laxmi India Finance का नेट वर्थ (Net Worth) ₹465.47 करोड़ था, जबकि उस समय कंपनी पर ₹61.56 करोड़ के NCDs का बकाया था।
