FY26 में L&T Finance का दबदबा जारी, मुनाफा 18.4% बढ़ा
L&T Finance ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹2,617.81 करोड़ की तुलना में 18.4% बढ़कर ₹3,100.31 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, कंसोलिडेटेड PAT में 12.8% की बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹2,982.87 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹2,643.42 करोड़ था।
शेयरधारकों को मिलेगा ₹2.75 का डिविडेंड, पेमेंट बिजनेस में दस्तक
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, ₹2.75 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है। एक बड़े स्ट्रेटेजिक मूव में, L&T Finance अब प्री-पेड इंस्ट्रूमेंट बिजनेस में उतरने की तैयारी कर रही है। इस कदम के लिए आवश्यक रेगुलेटरी अप्रूवल्स (Regulatory Approvals) की तलाश की जा रही है।
बड़े फंडरेज़िंग को मिली मंजूरी
इसके अलावा, कंपनी ने बड़े पैमाने पर फंड जुटाने की मंजूरी भी हासिल कर ली है। इसमें फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए ₹1,23,500 करोड़ तक और प्रेफरेंस शेयर्स (Preference Shares) के जरिए ₹6,012 करोड़ तक जुटाने की अनुमति शामिल है।
नए डायरेक्टर्स की नियुक्ति और ऑडिट का साफ संकेत
बोर्ड में दो नए होल-टाइम डायरेक्टर्स, मिस्टर सचिन जोशी (Mr. Sachinn Joshi) और मिस्टर राजू डोड्डी (Mr. Raju Dodti) की भी नियुक्ति की गई है। वहीं, जॉइंट स्टैच्युटरी ऑडिटर (Joint Statutory Auditors) ने फाइनेंशियल नतीजों पर एक अनमॉडिफाइड ओपिनियन (Unmodified Opinion) दिया है, जो कंपनी के मजबूत गवर्नेंस का संकेत है।
नए बिजनेस से रेवेन्यू में होगी बढ़ोतरी
प्री-पेड इंस्ट्रूमेंट मार्केट में एंट्री L&T Finance को अपने पारंपरिक लेंडिंग बिजनेस से आगे बढ़कर रेवेन्यू के नए स्रोत बनाने का मौका देगी। यह कदम भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल पेमेंट्स सेक्टर में पैठ बनाने में मदद करेगा। वहीं, बड़े फंडरेज़िंग अप्रूवल्स कंपनी की कैपिटल बेस को मजबूत करेंगे और भविष्य के विकास व स्ट्रेटेजिक पहलों को गति देंगे।
