पूरे साल के नतीजे:
L&T Finance Holdings ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए अपने पूरे साल के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने इस अवधि में ₹2,982.87 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 12.84% ज्यादा है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 12.40% की बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹17,917.03 करोड़ तक पहुंच गया।
चौथी तिमाही के आंकड़े:
चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट ₹809.16 करोड़ रहा, जबकि स्टैंडअलोन प्रॉफिट ₹947.09 करोड़ दर्ज किया गया। ऑडिटर ने कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर 'अनमोडिफाइड ओपिनियन' यानी बिना किसी आपत्ति की राय दी है। नए लेबर कोड के कारण कंपनी ने ₹28.51 करोड़ का एक-मुश्त प्रोविजन (provision) भी दर्ज किया है।
डिविडेंड और स्ट्रेटेजी:
कंपनी के बोर्ड ने FY25-26 के लिए ₹2.75 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का सुझाव दिया है। यह शेयरहोल्डर्स के लिए अच्छी खबर है, जो भविष्य की कमाई में कंपनी के विश्वास को भी दर्शाता है। L&T Finance अपनी बिजनेस रीशेपिंग पर काम कर रही है, जिसमें म्यूचुअल फंड आर्म का इंटीग्रेशन और रिटेल लेंडिंग पर फोकस शामिल है। इसका लक्ष्य चुनिंदा सेगमेंट में स्केल बनाकर एक लीडिंग रिटेल एनबीएफसी (NBFC) बनना है।
चिंता का विषय: बढ़ा हुआ कर्ज:
इन सब सकारात्मक बातों के बीच, निवेशकों को कंसोलिडेटेड बॉरोइंग्स (borrowings) में आई भारी बढ़ोतरी पर भी ध्यान देना चाहिए। मार्च 2025 में कंपनी का कुल कर्ज ₹92,246.90 करोड़ था, जो मार्च 2026 तक बढ़कर ₹109,887.69 करोड़ हो गया। यह ₹17,600 करोड़ से अधिक की वृद्धि है। यह बढ़ा हुआ लेवरेज (leverage) भविष्य में इंटरेस्ट कॉस्ट (interest cost) को बढ़ा सकता है और एसेट-लायबिलिटी मैनेजमेंट (asset-liability management) के लिए चुनौती पेश कर सकता है।
कॉम्पिटिशन और आगे की राह:
L&T Finance का मुकाबला Bajaj Finance, Cholamandalam Investment and Finance Company और Shriram Finance जैसी बड़ी कंपनियों से है। निवेशकों की नजरें अब मैनेजमेंट की डेट मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी (debt management strategy) पर होंगी, साथ ही रिटेल लोन ग्रोथ, एनपीए (NPAs) और एनआईएम (NIMs) जैसे प्रमुख मेट्रिक्स (metrics) पर भी ध्यान दिया जाएगा।
