साइबर सुरक्षा और जोखिम निगरानी को मिला नया बूस्ट
ये नियुक्तियां LIC HFL के साइबर सुरक्षा (cybersecurity) और वित्तीय जोखिम प्रबंधन (risk management) को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
Jimit Narendra Shah, 10 अप्रैल 2026 से CISO के तौर पर कंपनी की सूचना सुरक्षा (information security) की कमान संभालेंगे। वहीं, J. Sangameswar, जिनका CRO के तौर पर कार्यकाल 9 मई 2026 से शुरू होकर 30 अप्रैल 2028 तक बढ़ाया गया है, कंपनी के जोखिम मूल्यांकन (risk assessment) और नियंत्रण (control) की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एनबीएफसी (NBFC) के लिए मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) और विशेष रूप से स्वतंत्र जोखिम निगरानी (independent risk oversight) पर जोर दे रहा है। RBI के नियमों के मुताबिक, बड़ी एसेट साइज वाली एनबीएफसी को एक CRO नियुक्त करना अनिवार्य है ताकि वे अपने जोखिमों का बेहतर प्रबंधन कर सकें। इसी तरह, मजबूत आईटी गवर्नेंस भी महत्वपूर्ण है।
Mr. Sangameswar के कार्यकाल का विस्तार उनके अनुभव और कंपनी के लिए उनके योगदान को दर्शाता है, जो लगातार जटिल होते जा रहे लेंडिंग ऑपरेशंस (lending operations) को संभालने में मदद करेगा। Mr. Shah की CISO के तौर पर नियुक्ति, कंपनी के साइबर हमलों (cyber attacks) से बचाव की तैयारी को और पुख्ता करेगी, जो आजकल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर (digital infrastructure) की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
LIC Housing Finance, जो 1989 से एक प्रमुख हाउसिंग फाइनेंस कंपनी रही है, हमेशा से कॉर्पोरेट गवर्नेंस को प्राथमिकता देती आई है। Mr. Shah की विशेषज्ञता और Mr. Sangameswar की निरंतरता से कंपनी के गवर्नेंस ढांचे और परिचालन लचीलेपन (operational resilience) को और मजबूती मिलेगी।
ये कदम इंडस्ट्री के अन्य खिलाड़ियों, जैसे PNB Housing Finance और Can Fin Homes, द्वारा भी उठाए जा रहे कदमों के अनुरूप हैं, जो अपने जोखिम और साइबर सुरक्षा कार्यों को मजबूत कर रहे हैं। आगे चलकर, LIC HFL नई लीडरशिप रणनीतियों को एकीकृत करने, बदलते जोखिमों के प्रति सतर्कता बनाए रखने और नियामक अनुपालन (regulatory compliance) सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।