कंट्रोल में बदलाव की ओर कृष्णा कैपिटल
कृष्णा कैपिटल एंड सिक्योरिटीज लिमिटेड के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स ने 26 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। उन्होंने 3 करोड़ इक्विटी शेयरों के प्रेफरेंशियल इश्यू को अपनी मंजूरी दे दी है। इन शेयरों का इश्यू प्राइस ₹20 प्रति शेयर रखा गया है।
यह डील कंपनी के कंट्रोल में बड़ा बदलाव लाएगी, क्योंकि इसके बाद दो नए प्रमोटर्स कंपनी की कमान संभालेंगे। इस इश्यू के लिए एक वैल्यूएशन रिपोर्ट तैयार की गई थी, जिसमें कंट्रोल प्रीमियम (Control Premium) भी शामिल है, जिसके तहत नए प्रमोटर्स चार्ज लेंगे।
शेयरधारकों और स्ट्रेटेजी पर असर
कंट्रोल में बदलाव का मतलब है कि कंपनी की स्ट्रेटेजिक दिशा, मैनेजमेंट अप्रोच और ऑपरेशनल फोकस में बड़े बदलाव आ सकते हैं। मौजूदा शेयरधारकों के लिए यह वर्तमान प्रमोटर ग्रुप से नए मालिकों के हाथों में ट्रांज़िशन का संकेत है। सेबी (SEBI) के नियमों के तहत, ऐसे कंट्रोल बदलावों के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की सहमति और वैल्यूएशन रिपोर्ट ज़रूरी होती है।
कंपनी बैकग्राउंड और नए प्रमोटर्स
1995 में स्थापित कृष्णा कैपिटल एंड सिक्योरिटीज लिमिटेड एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है, जो आरबीआई (RBI) के साथ रजिस्टर्ड है। यह फाइनेंसिंग, कैपिटल लेंडिंग और सिक्योरिटीज ट्रेडिंग जैसे कामों में लगी हुई है। कंपनी अहमदाबाद, मद्रास और दिल्ली स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टेड है। इस इश्यू के बाद, मिस्टर आशु जगमालराम बिश्नोई (Mr. Ashu Jagmalaram Bishnoi) और मिस्टर यज्ञिक भरतकुमार टैंक (Mr. Yagnik Bharatkumar Tank) कंपनी के नए प्रमोटर्स के तौर पर पहचाने जाएंगे।
नियामक दायित्व और जोखिम
मार्च 2026 तक, कंपनी में 42.87% शेयर प्रमोटर्स के पास थे, जबकि 57.13% शेयर रिटेल निवेशकों के पास थे। नए प्रमोटर्स के आने के बाद, सेबी (SEBI - Substantial Acquisitions of Shares and Takeovers) रेगुलेशन, 2011 के तहत पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए एक ओपन ऑफर (Open Offer) लाना पड़ सकता है।
इस प्रेफरेंशियल इश्यू और कंट्रोल बदलाव के लिए सेबी (SEBI) और संभवतः आरबीआई (RBI) जैसे रेगुलेटरी बॉडीज़ से मंजूरी लेनी होगी। पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए ओपन ऑफर की सफलता और प्राइसिंग एग्जिट के लिए महत्वपूर्ण होगी। नए मैनेजमेंट को अपनी स्ट्रेटेजी को प्रभावी ढंग से लागू करने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। बाजार ₹20 के इश्यू प्राइस की निष्पक्षता पर भी बारीकी से नजर रखेगा।
इंडस्ट्री ट्रेंड्स और फाइनेंशियल स्नैपशॉट
भारतीय फाइनेंशियल सेक्टर, खासकर एनबीएफसी (NBFC) सेगमेंट में हाल के दिनों में बड़े कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग और स्टेक एक्विजिशन देखे गए हैं। समाना कैपिटल (Sammaan Capital) और मणप्पुरम फाइनेंस (Manappuram Finance) जैसी कंपनियों में भी मालिकाना हक में बड़े बदलाव हुए हैं, जिनमें अक्सर ओपन ऑफर शामिल रहे हैं।
फाइनेंशियल ईयर 2024 के लिए, कृष्णा कैपिटल ने ₹39.30 लाख का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया था। मार्च 2026 तक, कंपनी की मार्केट कैप लगभग ₹8.18 करोड़ थी।
आगे क्या देखें
निवेशक प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट प्रक्रिया के पूरा होने, सेबी-अनिवार्य ओपन ऑफर की टाइमलाइन और उसके नतीजे, और नए प्रमोटर ग्रुप की स्ट्रेटेजिक योजनाओं पर आगे की डिस्क्लोजर पर नजर रखेंगे। एनबीएफसी (NBFC) मालिकाना हक में बदलाव के लिए आरबीआई (RBI) की मंजूरी और नए मैनेजमेंट के तहत कंपनी के फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर भी सबकी निगाहें होंगी।
