Krishna Capital & Securities Limited ने मार्केट को सूचित किया है कि उसके बोर्ड ने कंपनी में एक बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के एक एग्रीमेंट को अपनी मंजूरी दे दी है। इस डील के तहत, कंपनी की 42.87% तक पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल को अधिकतम ₹2.71 करोड़ में खरीदा जाएगा। इस महत्वपूर्ण ट्रांजैक्शन के कारण, कंपनी को पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए एक मैंडेटरी ओपन ऑफर (Mandatory Open Offer) लाना पड़ेगा, जो साफ तौर पर कंट्रोल में बदलाव की ओर इशारा कर रहा है।
इसके साथ ही, कंपनी ₹60 करोड़ का एक बड़ा प्रेफरेंशियल इशू (Preferential Issue) लाने की भी तैयारी कर रही है। इसमें ₹20 प्रति शेयर के भाव पर 3 करोड़ इक्विटी शेयर पांच पहचाने गए इन्वेस्टर्स को अलॉट किए जाएंगे। इस फंड जुटाने की कवायद को आसान बनाने के लिए, Krishna Capital अपनी ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹4.00 करोड़ से बढ़ाकर ₹34.00 करोड़ करने की योजना बना रही है। इन प्रपोजल्स को शेयरहोल्डर्स की मंजूरी एक आगामी एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में ली जाएगी।
एक बड़ी हिस्सेदारी के अधिग्रहण से कंपनी के कंट्रोल में बड़े बदलाव की संभावना है, जो Krishna Capital & Securities के लिए एक नई रणनीतिक दिशा तय कर सकता है। ₹60 करोड़ का यह फंड इनफ्लो (Fund Inflow) कंपनी के विस्तार, ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) बढ़ाने या कर्ज घटाने में मदद कर सकता है, जिससे भविष्य की ग्रोथ को बल मिलेगा। इस ट्रांजैक्शन के बाद बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में भी फेरबदल होने की उम्मीद है।
Krishna Capital & Securities Limited, जो 1994-1995 में स्थापित हुई थी, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास रजिस्टर्ड एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है। इसका मुख्य बिजनेस कैपिटल लेंडिंग (Capital Lending) और सिक्योरिटीज ट्रेडिंग (Securities Trading) का है। मौजूदा प्रमोटर्स के पास फिलहाल 42.87% स्टेक है।
मुख्य बदलावों की उम्मीद
- कंट्रोल ट्रांसफर: माना जा रहा है कि कंट्रोल प्रमुख नए स्टेकहोल्डर के हाथ में चला जाएगा।
- बोर्ड में नए चेहरे: एक्वायरर (Acquirer) संभवतः बोर्ड में नए डायरेक्टर्स नियुक्त करेगा।
- पूंजी का बड़ा निवेश: जुटाए गए फंड से कंपनी की ग्रोथ और वित्तीय स्थिति मजबूत हो सकती है।
- ओपन ऑफर: पब्लिक शेयरहोल्डर्स को रेगुलेटेड प्राइस पर एग्जिट का मौका मिलेगा।
संभावित चुनौतियाँ
- डील का पूरा होना: यह अधिग्रहण विभिन्न प्री-कंडीशन्स (Pre-conditions) और जरूरी वैधानिक अनुमतियों पर निर्भर करता है।
- शेयरहोल्डर की मंजूरी: कैपिटल इंक्रीज (Capital Increase) और अन्य प्रपोजल्स को 25 अप्रैल, 2026 को होने वाली EGM में शेयरहोल्डर्स से मंजूरी लेनी होगी।