Krishna Capital & Securities Ltd. के डायरेक्टर्स की बोर्ड मीटिंग 26 मार्च 2026 को तय हुई है। इस अहम बैठक में कंपनी अपनी ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल (Authorized Share Capital) को बढ़ाने और प्राइवेट प्लेसमेंट (Private Placement) के ज़रिए इक्विटी शेयर (Equity Shares) जारी करने जैसे बड़े प्रस्तावों पर चर्चा करेगी। इस खबर के चलते कंपनी के शेयरों के लिए 23 मार्च से 28 मार्च 2026 तक ट्रेडिंग विंडो (Trading Window) बंद रहेगी, ताकि अंदरूनी कारोबार (Insider Trading) को रोका जा सके।
इस कदम का मतलब है कि कंपनी भविष्य में फंड जुटाने या बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए विस्तार करने की योजना बना सकती है। अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है, तो मौजूदा शेयरधारकों (Shareholders) के लिए शेयर डाइल्यूशन (Share Dilution) का खतरा पैदा हो सकता है, जिससे प्रति शेयर आय (Earnings Per Share) पर असर पड़ सकता है।
Krishna Capital & Securities Limited, जो 1994 में स्थापित हुई थी, एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर RBI के साथ रजिस्टर्ड है। यह अहमदाबाद से ऑपरेट करती है और कैपिटल लेंडिंग व सिक्योरिटीज ट्रेडिंग में सक्रिय है। कंपनी के शेयर अहमदाबाद, मद्रास और दिल्ली स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड हैं। कंपनी की मौजूदा ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल ₹4 करोड़ और पेड-अप कैपिटल ₹3.16 करोड़ है।
यह कैपिटल वृद्धि कंपनी के फाइनेंसियल स्ट्रक्चर को काफी हद तक बदल सकती है और नए बिज़नेस, बेहतर लेंडिंग क्षमता या रणनीतिक पार्टनरशिप के लिए ज़रूरी फंड जुटाने में मदद कर सकती है। प्राइवेट प्लेसमेंट के ज़रिए कंपनी चुनिंदा निवेशकों को सीधे शेयर अलॉट कर सकती है, जिससे पब्लिक ऑफरिंग के बिना कैपिटल जुटाना संभव हो जाता है।
हालांकि, इस योजना में कुछ जोखिम भी शामिल हैं। कंपनी ने पिछले 5 सालों में केवल 7.34% की धीमी सेल्स ग्रोथ दिखाई है और पिछले 3 सालों में इसका रिटर्न ऑन इक्विटी (Return on Equity) भी काफी कम, सिर्फ 1.66% रहा है। कंपनी ने लगातार प्रॉफिट के बावजूद कोई डिविडेंड (Dividend) भी नहीं दिया है। प्राइवेट प्लेसमेंट की सफलता शेयरधारकों और रेगुलेटरी अप्रूवल (Regulatory Approval) पर निर्भर करेगी, साथ ही ऐसे निवेशकों को ढूंढना होगा जो कंपनी के पिछले प्रदर्शन को देखते हुए सही वैल्यूएशन (Valuation) पर निवेश करने को तैयार हों।
Krishna Capital, NBFC सेक्टर में Monarch Networth Capital, Mufin Green Finance और Elcid Investments जैसी कंपनियों के साथ काम करती है, लेकिन इसका स्केल काफी छोटा है। इसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) आमतौर पर ₹7-9 करोड़ के आसपास रहती है, ऐसे में भविष्य के विस्तार के लिए कैपिटल जुटाना इसके लिए बड़े खिलाड़ियों की तुलना में ज़्यादा अहम हो जाता है।
निवेशक अब 26 मार्च को होने वाली बोर्ड मीटिंग के नतीजों पर नज़र रखेंगे। मुख्य रूप से ये बातें ट्रैक की जाएंगी: कैपिटल वृद्धि और प्राइवेट प्लेसमेंट के प्रस्तावों पर बोर्ड का अंतिम फैसला, प्राइवेट प्लेसमेंट की डिटेल्स (कितना फंड जुटाया जाएगा और वैल्यूएशन क्या होगी), शेयरधारकों की मंज़ूरी के लिए होने वाली किसी भी एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) की तारीख और नतीजा, और नए जुटाए गए पैसों का कंपनी कैसे इस्तेमाल करेगी।
