बैंक के अनुसार, ये ESOPs 15 मई, 2026 को मंजूर किए गए थे और 18 मई, 2027 से चार साल की अवधि में धीरे-धीरे अलॉट (vest) होंगे। अलॉटमेंट शुरू होने के बाद, हर साल 25% ESOPs कर्मचारियों को मिलेंगे, जो मई 2030 तक चलेगा। कर्मचारियों के पास हर अलॉटमेंट की तारीख से एक साल के भीतर इन ऑप्शंस को एक्सरसाइज करने का मौका होगा।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना और टॉप टैलेंट को बैंक के साथ बनाए रखना है। यह कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन में उनकी हिस्सेदारी सुनिश्चित करेगा, जिससे कर्मचारियों के हितों को शेयरधारकों के हितों से जोड़ा जा सके। यह वित्तीय सेवा क्षेत्र में एक आम रणनीति है।
हालांकि, जब कर्मचारी इन ESOPs को एक्सरसाइज करेंगे, तो बैंक के कुल बकाया शेयरों की संख्या बढ़ सकती है। इससे मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी में कमी (डाइल्यूशन) का असर देखने को मिल सकता है, जिस पर निवेशक बारीकी से नजर रखेंगे।
यह चलन बैंक जैसे बड़े संस्थानों में आम है। HDFC Bank, ICICI Bank और Axis Bank जैसे प्रमुख बैंक भी कर्मचारियों को बनाए रखने और प्रेरित करने के लिए इसी तरह की ESOP योजनाओं का इस्तेमाल करते हैं।
आगे चलकर निवेशक यह देखेंगे कि कितने ESOPs वास्तव में एक्सरसाइज किए जाते हैं, बैंक के शेयर का प्रदर्शन कैसा रहता है, और क्या कंपनी भविष्य में कोई और शेयर योजना लाती है। कुल बकाया शेयरों और प्रति शेयर आय (EPS) पर शुद्ध प्रभाव भी महत्वपूर्ण रहेगा।