लावारिस डिविडेंड और शेयर का मामला
यह ट्रांसफर कंपनीज़ एक्ट, 2013 के तहत किया जा रहा है। नियम के अनुसार, अगर कोई डिविडेंड या शेयर सात साल से लावारिस (unclaimed) पड़ा है, तो उसे IEPF में जमा कराना होता है। कोटक महिंद्रा बैंक ने शेयरधारकों को अपने हिस्से का पैसा या शेयर वापस पाने का एक आखिरी मौका दिया है।
समय सीमा और प्रक्रिया
शेयरधारकों को अपना लावारिस डिविडेंड और शेयर क्लेम करने के लिए 11 अगस्त 2026 तक का समय दिया गया है। इस तारीख के बाद, बैंक इन संपत्तियों को 21 अगस्त 2026 तक IEPF अथॉरिटी को सौंप देगा। इसके बाद, आपको इन फंड्स को क्लेम करने के लिए सीधे IEPF अथॉरिटी से संपर्क करना होगा, जिसमें काफी समय और कागजी कार्यवाही लग सकती है।
क्यों है यह ज़रूरी?
शेयरधारकों के लिए यह एक अहम सूचना है कि वे अपने रिकॉर्ड्स की जांच करें और अगर उनका कोई लावारिस डिविडेंड या शेयर बकाया है, तो उसे समय रहते क्लेम कर लें। समय सीमा के बाद, बैंक इन लावारिस संपत्तियों के लिए जिम्मेदार नहीं रहेगा।
अन्य बैंक भी इसी राह पर
बता दें कि कोटक महिंद्रा बैंक के अलावा HDFC Bank, ICICI Bank और Axis Bank जैसे दूसरे बड़े प्राइवेट बैंक भी इसी नियम के तहत अपने लावारिस डिविडेंड और शेयर IEPF में ट्रांसफर करते हैं।
