Jindal Capital Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की हालिया बैठक में, कंपनी के ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹10 करोड़ से बढ़ाने का अहम फैसला लिया गया है।
इस बढ़ोतरी के तहत, कंपनी 1,00,00,000 (एक करोड़) नए इक्विटी शेयर्स जारी करेगी, जिनका फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर होगा। इसके साथ ही, कंपनी का कुल ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल ₹120 करोड़ से बढ़कर ₹220 करोड़ हो जाएगा।
इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए कंपनी शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार कर रही है, जो कि पोस्टल बैलेट (postal ballot) के जरिए ली जाएगी। हालांकि, कंपनी के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) में बदलाव का एक अलग प्रस्ताव फिलहाल टाल दिया गया है।
ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल बढ़ाने से Jindal Capital को भविष्य में फंड जुटाने के लिए ज्यादा वित्तीय लचीलापन (financial flexibility) मिलेगा। यह कदम कंपनी के विस्तार, संभावित अधिग्रहण या वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में मददगार हो सकता है, जो कि कैपिटल मैनेजमेंट और भविष्य की ग्रोथ की ओर एक सक्रिय कदम दर्शाता है।
Jindal Capital एक रजिस्टर्ड नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है, जो साल 1994 से काम कर रही है। यह मुख्य रूप से फंड-बेस्ड ऑपरेशंस (fund-based operations) और एडवाइजरी सर्विसेज (advisory services) जैसे लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी, बिजनेस लोन और पर्सनल लोन प्रदान करती है। गौरतलब है कि नवंबर 2020 में प्रमोटर्स ने पब्लिक शेयरहोल्डर्स से कंपनी की 26% तक की वोटिंग शेयर कैपिटल हासिल करने के लिए एक ओपन ऑफर भी लॉन्च किया था।
इस पूरी प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण कदम शेयरधारकों की मंजूरी है। यदि शेयरधारक इस प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं देते हैं, तो कैपिटल बढ़ाने की योजना आगे नहीं बढ़ पाएगी।
NBFC सेक्टर में पूंजी प्रबंधन (capital management) और फंड जुटाने की गतिविधियां काफी तेज हैं। Bajaj Finance और Shriram Finance जैसे बड़े खिलाड़ी लगातार बड़े फंड जुटाने की योजना बना रहे हैं। Shriram Finance ने विदेशी बाजारों से बड़ी रकम जुटाने का प्लान किया था, वहीं PNB Housing Finance ने भी बड़े फंडिंग के लिए लक्ष्य रखा था। यह ट्रेंड दिखाता है कि सेक्टर की कंपनियां ग्रोथ के लिए कैपिटल-इंटेंसिव रणनीतियों पर जोर दे रही हैं।
अब निवेशकों की निगाहें पोस्टल बैलेट के नतीजों पर टिकी रहेंगी, जिससे पता चलेगा कि शेयर कैपिटल बढ़ाने का यह प्रस्ताव पारित होता है या नहीं।
