एडमिनिस्ट्रेशन और बैंकिंग का डबल डोज
J&K Bank के बोर्ड ने आशीष कुंद्रा, जो एक IAS अधिकारी हैं, को रोटेशनल एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर और प्रवीण राघवेन्द्र को इंडिपेंडेंट एडिशनल डायरेक्टर के रूप में नियुक्त करने पर सहमति जताई है। यह नियुक्ति 23 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी, लेकिन इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है।
कौन हैं नए डायरेक्टर्स?
आशीष कुंद्रा के पास प्रशासनिक और गवर्नेंस का लंबा अनुभव है। वे 1996 बैच के IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में लद्दाख के चीफ सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं। उनकी नियुक्ति से बैंक की एडमिनिस्ट्रेटिव क्षमताओं को बढ़ावा मिलेगा।
वहीं, प्रवीण राघवेन्द्र बैंकिंग सेक्टर के जाने-माने चेहरे हैं। उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में 35 सालों से ज़्यादा का समय बिताया है और डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर जैसे कई महत्वपूर्ण पदों को संभाला है। उनके अनुभव का फायदा बैंक को ऑपरेशनल एफिशिएंसी और स्ट्रेटेजिक प्लानिंग में मिलेगा।
बैंक का महत्व और भविष्य की राह
1938 में स्थापित J&K Bank, श्रीनगर हेडक्वार्टर वाला एक प्रमुख वित्तीय संस्थान है, जो जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के यूनियन टेरिटरीज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह RBI के लिए इन क्षेत्रों में सरकारी बैंकिंग व्यवसाय का एक्सक्लूसिव एजेंट भी है।
प्रवीण राघवेन्द्र का डायरेक्टर्स के तौर पर टेन्योर तीन साल का होगा, जो 22 अप्रैल 2029 को समाप्त होगा। इन नियुक्तियों के लिए शेयरधारकों की मंजूरी सबसे अहम पड़ाव है।
यह देखना भी अहम होगा कि यह नियुक्तियां बैंक के गवर्नेंस को कैसे मजबूत करती हैं, खासकर तब जब J&K Bank पहले RBI से कंप्लायंस से जुड़े मुद्दों, जैसे ग्रीविएंस हैंडलिंग और KYC नॉर्म्स, को लेकर जांच और पेनल्टी का सामना कर चुका है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हो रही है जब अन्य पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) में भी नेतृत्व स्तर पर बदलाव देखे जा रहे हैं।
