सेबी (SEBI) के इनसाइडर ट्रेडिंग प्रोहिबिशन रेगुलेशन के तहत, कंपनी अंदरूनी लोगों को गैर-सार्वजनिक, कीमत-संवेदनशील जानकारी के आधार पर शेयर की खरीद-बिक्री से रोकने के लिए यह कदम उठा रही है। यह एक मानक प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य बाजार में निष्पक्षता बनाए रखना है।
एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर, इंडस फाइनेंस वित्तीय रिपोर्टिंग सीजन से पहले इन ट्रेडिंग विंडो क्लोजर का नियमित रूप से पालन करती है। यह भारतीय लिस्टेड कंपनियों के लिए एक आम बात है।
इस प्रतिबंधित अवधि के दौरान, कंपनी के अंदरूनी लोगों, जैसे डायरेक्टर्स और प्रमुख प्रबंधन कर्मियों को इंडस फाइनेंस के शेयर खरीदने या बेचने की मनाही होगी।
अन्य बड़ी वित्तीय फर्म्स, जैसे कि Bajaj Finance Ltd, Cholamandalam Investment and Finance Company Ltd, और HDFC Life Insurance Company Ltd भी अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा से पहले इसी तरह की ट्रेडिंग विंडो क्लोजर लागू करती हैं, ताकि वे सेबी के नियमों का पूरी तरह से पालन कर सकें।
निवेशक अब उस बोर्ड मीटिंग (Board Meeting) की तारीख का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिसमें Q4 FY26 के वित्तीय नतीजों पर विचार किया जाएगा।
