शेयरधारकों को मीटिंग में कंपनी के कामकाज, खासकर फाइनेंशियल्स (Financials) को मंजूरी देने और डिविडेंड (Dividend) घोषित करने का अधिकार होता है। रिकॉर्ड डेट इसलिए अहम है ताकि यह तय हो सके कि कौन से निवेशक इस डिविडेंड पाने के हकदार होंगे।
बुक क्लोजर की अवधि 11 जून से 17 जून 2026 तक रहेगी, ताकि एजीएम और डिविडेंड से जुड़े मामलों को निपटाया जा सके।
Indian Bank का अपने शेयरधारकों को डिविडेंड देने का इतिहास रहा है। पिछले कुछ सालों की बात करें तो, बैंक ने फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) के लिए ₹16.25 प्रति शेयर, FY24 के लिए ₹12.00 प्रति शेयर और FY23 के लिए ₹8.60 प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था। इन भुगतानों को आमतौर पर एनुअल जनरल मीटिंग में ही मंजूरी मिलती है।
यह भी बता दें कि हाल ही में अप्रैल 2025 में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अनुपालन (compliance) की खामियों के चलते Indian Bank पर ₹1.61 करोड़ का जुर्माना लगाया था। बैंक ने कहा है कि उसने भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने के लिए सुधारात्मक उपाय किए हैं।
दूसरे सरकारी बैंकों जैसे एसबीआई (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) में भी ऐसी ही एजीएम (AGM) होती हैं और डिविडेंड घोषित किए जाते हैं, जो उनके वित्तीय प्रदर्शन पर निर्भर करते हैं।
अब सबकी निगाहें 17 जून 2026 को होने वाली 20वीं एजीएम पर टिकी हैं, जहाँ डिविडेंड की औपचारिक मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
