इंडियन बैंक का दमदार प्रदर्शन
इंडियन बैंक ने 31 मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही (Q4 FY26) और पूरे फाइनेंशियल ईयर के नतीजे जारी किए हैं। चौथी तिमाही में बैंक ने ₹3,173.05 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट कमाया।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 में, बैंक का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹72,050.88 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹78,332.70 करोड़ पर पहुंच गया, जो कि 8.72% की ग्रोथ दर्शाता है।
एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार
नतीजों में सबसे खास बात बैंक की एसेट क्वालिटी में आई मजबूती है। मार्च 2026 के अंत तक, बैंक के ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) घटकर 1.98% पर आ गए, जो पिछले साल इसी अवधि में 3.09% थे। वहीं, प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) 98.28% पर मजबूत बना हुआ है।
निवेशकों को मिलेगा तोहफा
बैंक के बोर्ड ने प्रति इक्विटी शेयर ₹18.25 का डिविडेंड (Dividend) देने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, बैंक अपनी कैपिटल बेस को मजबूत करने के लिए ₹5,000 करोड़ तक की राशि इक्विटी इश्यू के जरिए जुटाने की योजना पर भी आगे बढ़ रहा है।
तुलना और भविष्य की राह
इंडियन बैंक का ₹11,704 करोड़ का नेट प्रॉफिट इसे अन्य बड़े पब्लिक सेक्टर बैंकों जैसे पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बनाता है। बैंक का NPA स्तर भी साथियों से बेहतर स्थिति में है। 2020 में इलाहाबाद बैंक के साथ विलय के बाद से, बैंक लगातार अपनी इंटीग्रेटेड ऑपरेशन्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसने नतीजों में साफ झलक रहा है।
