जानिए कब से लागू होगा विस्तार?
यह नियुक्ति विस्तार तत्काल प्रभाव से लागू होगा और वर्तमान कार्यकाल की समाप्ति, यानी 2 मई 2026 के बाद प्रभावी होगा। इसका मतलब है कि श्री चौधरी 3 मई 2026 से अगले तीन वर्षों तक एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर बने रहेंगे। बैंक ने यह भी साफ किया है कि श्री चौधरी के किसी भी अन्य डायरेक्टर से पारिवारिक संबंध नहीं हैं और वह सेबी (SEBI) के सभी नियमों का पालन करते हैं।
क्यों अहम है यह फैसला?
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यकाल का विस्तार नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। यह फैसला सरकार का श्री चौधरी के नेतृत्व पर विश्वास दिखाता है और यह सुनिश्चित करता है कि बैंक की वर्तमान रणनीतिक पहलों और परिचालन योजनाओं पर उनके मार्गदर्शन में काम जारी रहेगा।
इंडियन बैंक और नियुक्तियों पर एक नजर
इंडियन बैंक, जिसकी स्थापना 1907 में हुई थी, वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के अधीन एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है। 1969 में इसका राष्ट्रीयकरण हुआ था और अप्रैल 2020 में इलाहाबाद बैंक (Allahabad Bank) के साथ इसका विलय हुआ, जिससे यह भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक बन गया। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में प्रबंध निदेशक (MD) और कार्यकारी निदेशक (ED) जैसे वरिष्ठ पदों के लिए आमतौर पर केंद्र सरकार की नियुक्ति समिति (ACC) की मंजूरी की आवश्यकता होती है। हाल के दिनों में, पीएसबी (PSB) में स्थिरता बनाए रखने के लिए नेताओं के कार्यकाल का विस्तार करने और साथ ही निजी क्षेत्र के पेशेवरों की भर्ती के प्रयास देखे जा रहे हैं।
अन्य बैंकों में भी जारी है विस्तार का चलन
यह चलन सिर्फ इंडियन बैंक तक ही सीमित नहीं है। हाल ही में, सरकार ने बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) और बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) के एमडी (MD) के कार्यकाल को भी तीन साल के लिए बढ़ाया है। विभिन्न पीएसबी (PSB) में कार्यकारी निदेशक (Executive Director) की नियुक्तियां भी क्षेत्र में नेतृत्व को मजबूत करने के व्यापक प्रयासों को दर्शाती हैं।
प्रमुख तारीखें और अन्य जानकारियां
श्री चौधरी का वर्तमान कार्यकाल 2 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस कार्यकाल विस्तार की सूचना 23 अप्रैल 2026 को दी।
