Indiabulls Stock: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! ₹179Cr मुनाफे के साथ कंपनी की धमाकेदार वापसी, रेवेन्यू **87%** भागा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indiabulls Stock: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! ₹179Cr मुनाफे के साथ कंपनी की धमाकेदार वापसी, रेवेन्यू **87%** भागा
Overview

Indiabulls Limited (जो पहले Yaari Digital Integrated Services Limited के नाम से जानी जाती थी) ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) में गजब की वापसी की है। कंपनी ने **₹179.26 करोड़** का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) दर्ज किया है, जो पिछले साल के घाटे से एक बड़ा पलटाव है। यह शानदार परफॉर्मेंस **87%** की ज़बरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ के दम पर आई है।

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FY26 में ₹833.38 करोड़ पहुंचा रेवेन्यू, मुनाफे में आई कंपनी

वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए Indiabulls Limited के ऑडिटेड नतीजे जारी कर दिए गए हैं, और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इन्हें 29 अप्रैल, 2026 को मंज़ूरी दी। कंपनी ने इस अवधि में ₹833.38 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स हासिल किया है। यह पिछले वित्त वर्ष (FY25) के ₹444.37 करोड़ की तुलना में 87% की प्रभावशाली बढ़ोतरी है। इस जोरदार रेवेन्यू ग्रोथ की वजह से कंपनी अब कंसोलिडेटेड आधार पर मुनाफे में आ गई है, जिसने पिछले साल के ₹(219.38) करोड़ के घाटे को ₹179.26 करोड़ के प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में बदल दिया है।

स्टैंडअलोन (Standalone) परफॉर्मेंस में अभी भी घाटा

हालांकि, कंसोलिडेटेड नतीजे सकारात्मक हैं, लेकिन कंपनी के स्टैंडअलोन (standalone) प्रदर्शन में थोड़ा अंतर दिखा है। FY26 में स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी को ₹(95.73) करोड़ का टैक्स-पूर्व घाटा (Loss Before Tax) हुआ है, जो FY25 के ₹(102.59) करोड़ के घाटे से थोड़ा कम है।

नया नाम, नई पहचान: Indiabulls Limited

यह भी बता दें कि कंपनी ने 17 अक्टूबर, 2025 से अपना नाम आधिकारिक तौर पर Yaari Digital Integrated Services Limited से बदलकर Indiabulls Limited कर लिया है।

बड़े कॉरपोरेट रीस्ट्रक्चरिंग का असर

यह शानदार टर्नअराउंड हाल ही में हुए एक बड़े कॉरपोरेट रीस्ट्रक्चरिंग का नतीजा है। 14 अक्टूबर, 2025 से प्रभावी हुई एक स्कीम ऑफ अरेंजमेंट (Scheme of Arrangement) के तहत, 17 कंपनियों को Yaari Digital Integrated Services Limited (YDISL) में मर्ज किया गया था और एक रियल एस्टेट अंडरटेकिंग को डीमर्ज किया गया था। इस कंसोलिडेशन का मकसद ऑपरेशन्स को सुव्यवस्थित करना, तालमेल बढ़ाना और ग्रुप की विभिन्न एंटिटीज जैसे Dhani Services Limited और Indiabulls Enterprises Limited को एक साथ लाना था। FY25 के वित्तीय आंकड़ों को भी इस रीस्ट्रक्चरिंग के अनुसार रीस्टेट (restate) किया गया है।

आगे क्या उम्मीदें?

इस एकीकरण के बाद, Indiabulls Limited अब एक डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल सर्विसेज और रियल एस्टेट कंपनी के तौर पर काम कर रही है। शेयरधारकों के पास अब एक सिंगल, कंसोलिडेटेड एंटिटी में हिस्सेदारी है, जिसका लक्ष्य ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाना है। कंपनी रियल एस्टेट डेवलपमेंट और डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ाएगी।

अतीत की कुछ चिंताएं

हालांकि, मौजूदा नतीजों में सकारात्मकता दिखी है, लेकिन ग्रुप की पिछली कुछ एंटिटीज पर नियामक (regulatory) कार्रवाइयां भी हुई हैं। उदाहरण के लिए, 2020 में SEBI ने Indiabulls Real Estate के CFO पर इनसाइडर ट्रेडिंग का जुर्माना लगाया था। वहीं, 2022 में RBI ने Indiabulls Commercial Credit को KYC नियमों का पालन न करने पर फाइन लगाया था। 2021 में SEBI ने Dhani Services और उसके अधिकारियों पर इनसाइडर ट्रेडिंग के लिए कार्रवाई की थी। ये घटनाएं सीधे तौर पर पूर्व Yaari Digital के FY26 के प्रदर्शन से जुड़ी नहीं हैं, लेकिन ये ग्रुप के इतिहास का हिस्सा हैं।

कौन हैं प्रतिस्पर्धी?

अपने डाइवर्सिफाइड बिज़नेस मॉडल के साथ, Indiabulls Limited रियल एस्टेट और फाइनेंशियल सर्विसेज के क्षेत्र में कई कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है, जिनमें Dhani Services Limited, Shriram Finance Limited और Indiabulls Housing Finance Limited शामिल हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.