पहली बार ₹500 करोड़ के पार पहुंचा मुनाफा
India Shelter Finance Corporation (ISFC) के लिए वितीय वर्ष 2026 (FY26) एक मील का पत्थर साबित हुआ है। कंपनी ने अपने इतिहास में पहली बार ₹500 करोड़ का सालाना शुद्ध लाभ (Net Profit) पार किया है। इसके साथ ही, कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी जोरदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹11,044 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी ने FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में ₹138 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी दर्ज किया है।
एसेट क्वालिटी और एफिशिएंसी में सुधार
इस दौरान ISFC ने अपने कामकाज में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। कंपनी की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में खास सुधार देखा गया, जिसके चलते ग्रॉस स्टेज 3 एसेट्स घटकर 1.2% और नेट स्टेज 3 एसेट्स 0.9% पर आ गए। वहीं, ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) भी बढ़ी है, क्योंकि कॉस्ट टू इनकम रेशियो (Cost to Income Ratio) साल-दर-साल 100 बेसिस पॉइंट कम होकर 36% पर आ गया है। अपनी ग्रोथ की रफ्तार को बनाए रखने के लिए, ISFC ने FY26 में 41 नई ब्रांचें जोड़ीं, जिससे ब्रांचों का कुल नेटवर्क बढ़कर 15 राज्यों में 307 हो गया है।
2030 तक AUM को तीन गुना करने का लक्ष्य
कंपनी अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में अपनी मजबूत पकड़ बना रही है। ISFC का लक्ष्य 2030 तक अपने AUM को तीन गुना करना है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए, कंपनी 6% से ऊपर स्प्रेड्स बनाए रखने और क्रेडिट कॉस्ट को 40-50 बेसिस पॉइंट के बीच नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि लगातार मुनाफा कमाया जा सके।
सावधानी बरतने की वजह
इतने मजबूत प्रदर्शन के बावजूद, ISFC मैनेजमेंट का निकट भविष्य को लेकर नजरिया सतर्क है। 'असामान्य मॉनसून पैटर्न' और 'भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं' जैसी चिंताओं के कारण कंपनी क्रेडिट अंडरराइटिंग (Credit Underwriting) में एक रूढ़िवादी दृष्टिकोण अपना रही है, भले ही लोन एप्लीकेशन वॉल्यूम बढ़ रहा है। इस सतर्कता को दर्शाते हुए, स्टेज 2 एसेट्स के लिए ₹5 करोड़ की एहतियाती प्रोविजनिंग (Precautionary Provision) की गई है।
राजस्थान पर एकाग्रता एक जोखिम
कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम राजस्थान राज्य पर अत्यधिक एकाग्रता है। मैनेजमेंट इस एकाग्रता को 30% से घटाकर 25-26% के बीच लाने की योजना बना रहा है, जो इसकी भौगोलिक विविधीकरण (Geographic Diversification) रणनीति का हिस्सा है।
IPO से मिली मजबूती
दिसंबर 2023 में हुए इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से कंपनी को काफी मजबूती मिली है। IPO के जरिए लगभग ₹1,170 करोड़ जुटाए गए थे, जिससे अफोर्डेबल हाउसिंग सेक्टर में ग्रोथ की योजनाओं को गति देने के लिए आवश्यक पूंजी मिली है।
प्रतिस्पर्धियों से तुलना
FY26 के मेट्रिक्स के अनुसार, ISFC की स्थिति मजबूत है। इसके ग्रॉस स्टेज 3 एसेट लेवल कई इंडस्ट्री पीयर्स (Industry Peers) के बराबर या उनसे बेहतर हैं। 36% का कॉस्ट टू इनकम रेशियो Aavas Financiers जैसी कंपनियों के एफिशिएंसी स्तर के बराबर है। वहीं, Home First Finance Company India Ltd जैसे पीयर्स भी इसी तरह के ग्रोथ और एफिशिएंसी ट्रेंड्स दिखा रहे हैं। ISFC का 6% से ऊपर का टारगेट स्प्रेड स्वस्थ नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin) का संकेत देता है।
निवेशक क्या देखेंगे?
भविष्य में, निवेशक 25-30% के गाइडेंस के मुकाबले AUM ग्रोथ की गति, आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच एसेट क्वालिटी बनाए रखने की ISFC की क्षमता, और भौगोलिक एकाग्रता को कम करने में प्रगति पर नजर रखेंगे। को-लेंडिंग (Co-lending) पार्टनरशिप का विस्तार और 2030 तक ₹30,000 करोड़ AUM के लक्ष्य का पीछा करना भी महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं।
