इनसाइडर ट्रेडिंग रोकने के लिए उठाया कदम
India Lease Development Ltd ने शेयर बाजार के नियामक SEBI के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए अपनी ट्रेडिंग विंडो को बंद करने की घोषणा की है। यह फैसला कंपनी की चौथी तिमाही (Q4) और पूरे वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के वित्तीय नतीजों के ऐलान से ठीक पहले लिया गया है। कंपनी ने कहा है कि यह विंडो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी।
कौन कर सकता है ट्रेड?
इस ट्रेडिंग विंडो क्लोजर के दौरान, कंपनी के डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स, डेजिग्नेटेड एम्प्लॉइज और उनके करीबी रिश्तेदारों को कंपनी के शेयर्स की खरीद-बिक्री करने की इजाजत नहीं होगी। यह नियम इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकने के लिए बनाया गया है, ताकि कंपनी के नतीजों के सार्वजनिक होने से पहले किसी भी तरह की गोपनीय जानकारी का गलत इस्तेमाल न हो सके।
कब खुलेगी विंडो?
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह ट्रेडिंग विंडो नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद ही दोबारा खोली जाएगी। बोर्ड मीटिंग की तारीख, जिसमें इन नतीजों को मंजूरी दी जाएगी, की सूचना जल्द ही अलग से दी जाएगी।
कंपनी का बैकग्राउंड
India Lease Development Ltd एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है, जिसकी स्थापना 1987 में हुई थी। यह मुख्य रूप से हायर परचेज और लीजिंग के कारोबार में सक्रिय है। कंपनी को The Motor and General Finance Limited (MGF) का समर्थन प्राप्त है और पहले इसने International Finance Corporation (IFC) और Punjab National Bank (PNB) से भी इक्विटी भागीदारी देखी है।
