SEBI के नियमों के तहत उठाया कदम
SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत, सभी लिस्टेड कंपनियों को अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स की घोषणा से पहले एक निश्चित अवधि के लिए 'ट्रेडिंग विंडो' बंद करनी होती है। IRFC ने भी इसी नियम का पालन करते हुए यह कदम उठाया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कंपनी के अंदरूनी सूत्र (insiders) अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इंफॉर्मेशन (UPSI) का गलत इस्तेमाल न कर सकें।
कौन नहीं कर पाएंगे ट्रेडिंग?
इस क्लोजर पीरियड के दौरान, IRFC के 'डेजिग्नेटेड पर्सन' यानी कंपनी के डायरेक्टर्स, सीनियर मैनेजमेंट और उनके करीबी रिश्तेदारों को कंपनी के शेयर्स या किसी अन्य सिक्योरिटीज में ट्रेडिंग करने की मनाही है। यह नियम तब तक लागू रहेगा जब तक कि फाइनेंशियल रिजल्ट्स पब्लिक डोमेन में नहीं आ जाते।
सिर्फ FY26 ही नहीं, Q2, Q3, Q4 के लिए भी बंद होगी विंडो
IRFC ने बताया है कि यह ट्रेडिंग विंडो क्लोजर सिर्फ FY26 के फाइनल रिजल्ट्स के लिए ही नहीं है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की दूसरी तिमाही (Q2 FY26) के लिए 1 जुलाई 2026 से, तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए 1 अक्टूबर 2026 से, और चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए 1 जनवरी 2027 से अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद रखेगी।
IRFC का बिजनेस और हालिया परफॉरमेंस
IRFC, रेलवे मंत्रालय के तहत एक सरकारी कंपनी (PSU) है जो भारतीय रेलवे के लिए फंड जुटाने का काम करती है। कंपनी ने अब तक रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹4.34 ट्रिलियन से अधिक का फंड मुहैया कराया है। हाल के नतीजों की बात करें तो, Q4 FY25 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 2.1% घटकर ₹1,681.87 करोड़ रहा था, जबकि रेवेन्यू में 3.8% की बढ़त देखी गई थी। वहीं, Q2 FY26 में टैक्स के बाद प्रॉफिट (PAT) 10.19% बढ़कर ₹1,776.98 करोड़ दर्ज किया गया था, और Q3 FY26 में प्रॉफिट 10.52% बढ़कर ₹1,802.19 करोड़ रहा था।
क्या हैं कंपनी के सामने चुनौतियां?
IRFC ने हाल ही में BSE और NSE से बोर्ड कंपोजीशन के नियमों के उल्लंघन के चलते ₹19.54 लाख का जुर्माना भी भरा है। हालांकि, कंपनी ने कहा है कि इसका कोई फाइनेंशियल असर नहीं है। IRFC फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹60,000 करोड़ तक जुटाने की योजना बना रही है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को अब IRFC के FY26 के फाइनल ऑडिटेड रिजल्ट्स का इंतजार रहेगा। कंपनी को यह नतीजे 60-दिन की समय सीमा के भीतर फाइल करने होंगे। साथ ही, ₹60,000 करोड़ के फंड जुटाने की योजना और बोर्ड कंपोजीशन जुर्माने से जुड़े अपडेट्स पर भी नजर रखनी होगी।