IOB के मुनाफे में जबरदस्त उछाल: जानिए पूरा हिसाब-किताब
फाइनेंशियल ईयर 2026 (जो 31 मार्च 2026 को खत्म हुआ) के लिए Indian Overseas Bank (IOB) ने अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट जबरदस्त 59.58% की रफ्तार से बढ़कर ₹5,418.46 करोड़ पर पहुंच गया है। इस शानदार प्रदर्शन की मुख्य वजह बैंक की कुल इनकम में 11.41% का इजाफा है, जो ₹37,532.15 करोड़ तक पहुंच गई।
स्टैंडअलोन नतीजों की बात करें तो, FY26 के लिए कुल इनकम ₹37,532.15 करोड़ रही और नेट प्रॉफिट ₹5,208.03 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹1,505.45 करोड़ रहा, जबकि कुल इनकम ₹9,779.87 करोड़ थी। कंसोलिडेटेड Q4 FY26 का नेट प्रॉफिट ₹1,556.15 करोड़ रहा।
क्यों है यह खबर खास?
59.58% का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ग्रोथ IOB के लिए एक मजबूत परफॉरमेंस पीरियड को दिखाता है। इस मुनाफे के साथ-साथ बैंक की एसेट क्वालिटी में भी काफी सुधार देखने को मिला है, जो भविष्य के लिए एक पॉजिटिव संकेत है।
बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है। स्टैंडअलोन ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPAs) FY25 में 2.14% से घटकर FY26 में 1.42% पर आ गए हैं। नेट एनपीए (Net NPAs) तो घटकर महज 0.21% रह गए हैं। बैंक ने प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) को 97.50% पर बनाए रखा है, और इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत एडमिट किए गए खातों के लिए लगभग 99.66% प्रोविजनिंग कर ली है। यह सब दिखाता है कि बैंक रिस्क मैनेजमेंट को लेकर काफी सतर्क है।
क्या हैं चिंता की बात?
हालांकि, इन शानदार नतीजों के बावजूद, निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता विवादित टैक्स डिमांड बनी हुई है। IOB पर इनकम टैक्स के ₹4,631.56 करोड़ और सर्विस टैक्स/GST के ₹1,886 करोड़ से अधिक का बकाया है। कुल मिलाकर, 31 मार्च 2026 तक यह विवादित टैक्स डिमांड ₹6,517 करोड़ से ज्यादा हो जाती है। बैंक का मानना है कि यह डिमांड टिकने लायक नहीं है, लेकिन अगर कोर्ट का फैसला बैंक के खिलाफ जाता है, तो इसका असर बैंक की पूंजी पर पड़ सकता है। इसके अलावा, सरकार द्वारा धीरे-धीरे IOB में अपनी हिस्सेदारी कम करना भी एक ऐसी बात है जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
आगे क्या देखें?
अब निवेशकों की निगाहें इस बात पर होंगी कि IOB टैक्स डिमांड से जुड़े कानूनी मामले को कैसे संभालता है। साथ ही, आने वाले क्वार्टर में एसेट क्वालिटी और प्रॉफिटेबिलिटी को बनाए रखना भी अहम होगा।
