IOB के नतीजे: शेयरहोल्डर्स के लिए अच्छी खबर
Indian Overseas Bank (IOB) ने वित्तीय साल 2026 की चौथी तिमाही के नतीजों से निवेशकों को खुश कर दिया है। बैंक ने ₹5,208 करोड़ का शानदार नेट प्रॉफिट कमाया है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 56.16% की जबरदस्त बढ़ोतरी है। बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी ₹10,026 करोड़ के ऑल-टाइम हाई पर पहुँच गया है।
एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार
बैंक की एसेट क्वालिटी में भी ज़बरदस्त सुधार देखा गया है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 2.14% से घटकर 1.42% पर आ गए हैं। वहीं, नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) सिर्फ 0.21% रह गए हैं। बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) भी 97.50% पर मजबूत बना हुआ है।
ग्रोथ और डिजिटल पर फोकस
बैंक के टोटल एडवांंसेस में 24.16% और डिपॉजिट्स में 18.03% की ग्रोथ दर्ज की गई है। CASA रेशियो 40.99% रहा, जो एक अच्छा संकेत है। डिजिटल मोर्चे पर भी बैंक ने तरक्की की है, जहाँ 96% ट्रांजेक्शन अब ऑनलाइन हो रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
ये नतीजे IOB के सफल टर्नअराउंड को दर्शाते हैं। मैनेजमेंट ने अगले तीन सालों में 14-16% की ग्रोथ का लक्ष्य रखा है, और डोमेस्टिक नेट इंटरेस्ट मार्जिन्स (NIMs) को 3.30-3.35% पर बनाए रखने की उम्मीद है।
जोखिम और चिंताएं
हालांकि, कुछ चिंताएं भी बनी हुई हैं। नए ईसीएल (Expected Credit Loss) प्रोविजनिंग नियमों के तहत बैंक को ₹3,000 करोड़ का अनुमानित असर झेलना पड़ सकता है, जिसमें से ₹1,750 करोड़ का प्रोविजन किया गया है। वहीं, बैंक के ₹1 लाख करोड़ के एग्री-लोन पोर्टफोलियो पर मॉनसून का असर एक बड़ा जोखिम हो सकता है। इसके अलावा, वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल टेंशन के चलते बैंक को QIP को टालना पड़ा है।