IIFL Finance के FY26 के नतीजे:
IIFL Finance ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर 26 के ऑडिटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹378.77 करोड़ के मुकाबले 64.5% बढ़कर ₹623.26 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) ₹832.66 करोड़ रहा। कंपनी का स्टैंडअलोन PAT ₹508.90 करोड़ दर्ज किया गया।
ग्रोथ के लिए ₹10,000 करोड़ जुटाएगी कंपनी:
अपनी विस्तार योजनाओं को पंख देने के लिए, IIFL Finance FY2026-27 में ₹10,000 करोड़ तक की फंडरेजिंग करने की तैयारी में है। यह पैसा नॉन-कन्वर्टिबल सिक्योरिटीज (Non-Convertible Securities) जारी करके जुटाया जाएगा। इस योजना को अमल में लाने के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी की आवश्यकता होगी।
गवर्नेंस और लीडरशिप में बदलाव:
कंपनी ने गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। बोर्ड ने शाह गुप्ता एंड कंपनी (Shah Gupta & Co.) को अगले तीन साल के लिए मौजूदा ऑडिटर के साथ एक ज्वाइंट स्टैट्यूटरी ऑडिटर (Joint Statutory Auditor) के तौर पर नियुक्त करने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, विनय अग्रवाल को 'लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी' (Loan Against Property) वर्टिकल का नया बिजनेस हेड बनाया गया है।
इन कदमों के पीछे की रणनीति:
यह कदम कंपनी के मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और प्रभावी स्ट्रेटेजी एग्जीक्यूशन को दर्शाते हैं। ₹10,000 करोड़ की फंडरेजिंग NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) के लिए एसेट ग्रोथ और विस्तार को सपोर्ट करने का एक बड़ा कदम है। ज्वाइंट ऑडिटर की नियुक्ति और नए लीडर की तैनाती गवर्नेंस, कंप्लायंस और स्ट्रेटेजिक बिजनेस को मजबूत करने पर कंपनी के फोकस को दिखाता है, खासकर तब जब इनकम-टैक्स डिपार्टमेंट (Income-tax Department) की ओर से टैक्स असेसमेंट की प्रक्रियाएं चल रही हैं।
टैक्स जांच का संदर्भ:
यह याद दिलाना जरूरी है कि जनवरी 2025 में इनकम-टैक्स डिपार्टमेंट ने IIFL ग्रुप के कई ठिकानों पर सर्च की थी, जो संभावित टैक्स चोरी के आरोपों से जुड़ी थी। IIFL Finance ने कहा है कि वह पूरी तरह से अधिकारियों के साथ सहयोग कर रही है और उसे उम्मीद है कि इन प्रोसीडिंग्स का उसके ऑपरेशन्स पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
पीयर ग्रुप से तुलना:
हालांकि IIFL Finance ने ₹623.26 करोड़ के PAT के साथ जोरदार ग्रोथ दिखाई है, लेकिन एब्सोल्यूट टर्म्स में यह बड़ी कंपनियों से अभी पीछे है। उदाहरण के लिए, बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) ने FY26 में करीब ₹11,100 करोड़ का PAT दर्ज किया, जबकि श्रीराम फाइनेंस (Shriram Finance) का PAT करीब ₹4,800 करोड़ रहा। यह तुलना IIFL Finance को एक बढ़ती हुई कंपनी के तौर पर दिखाती है जो बड़े पैमाने पर आगे बढ़ने का लक्ष्य रख रही है।
