'गोल्ड लोन' बना सहारा, AUM में 38% की जोरदार उछाल
IIFL Finance ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही और पूरे साल के लिए धमाकेदार नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 38% बढ़कर ₹1,08,180 करोड़ पर पहुंच गया है।
Q4FY26 में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) (प्री-एनसीआई) 24% तिमाही-दर-तिमाही और पिछले साल की समान तिमाही (Q4FY25) की तुलना में 148% उछलकर ₹623.2 करोड़ रहा। वहीं, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए PAT (प्री-एनसीआई) 214% बढ़कर ₹1,816.7 करोड़ दर्ज किया गया।
तिमाही के दौरान कंपनी की कुल इनकम 51% बढ़कर ₹2,090.0 करोड़ रही, जबकि प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) में 80% की जोरदार वृद्धि देखी गई और यह ₹1,172.7 करोड़ पर पहुंच गया। एसेट क्वालिटी भी मजबूत बनी हुई है, जिसमें ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) 1.5% और नेट एनपीए (Net NPA) 0.7% रहा।
रेगुलेटरी मुश्किलों के बाद बड़ी रिकवरी
यह शानदार प्रदर्शन IIFL Finance की रिकवरी और ग्रोथ को दिखाता है, खासकर गोल्ड लोन सेगमेंट में। यह डेवलपमेंट ऐसे समय में आया है जब हाल ही में कंपनी को रेगुलेटरी जांच का सामना करना पड़ा था। कंपनी के मैनेजमेंट ने कॉस्ट कटिंग और AI-बेस्ड ट्रांसफॉर्मेशन पर काफी फोकस किया है, जिससे कंपनी की एफिशिएंसी बढ़ी है और मार्केट शेयर में भी इजाफा हुआ है।
क्या बदलेगा अब?
शेयरहोल्डर्स को कंपनी की ग्रोथ में तेजी जारी रहने की उम्मीद है, खासकर गोल्ड लोन सेगमेंट से। रेगुलेटरी पाबंदियों के हटने के बाद कंपनी इस बिजनेस पर और जोर दे रही है। AI-संचालित ट्रांसफॉर्मेशन से ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कस्टमर एक्सपीरियंस में सुधार की उम्मीद है, जिससे प्रॉफिटेबिलिटी और बढ़ सकती है।
आगे क्या देखें?
- मैनेजमेंट का गोल्ड लोन ग्रोथ की सस्टेनेबिलिटी और एसेट क्वालिटी बनाए रखने की रणनीति पर कमेंट्री।
- को-लेंडिंग पार्टनरशिप को बढ़ाने की प्रगति और AI एडॉप्शन का ऑपरेशनल मेट्रिक्स पर असर।
- RBI की ओर से IIFL Finance के कंप्लायंस और ऑपरेशंस पर किसी भी नए अपडेट पर नजर।
