बोर्ड का बड़ा फैसला: ₹2,000 करोड़ का निवेश मंजूर
IIFL Capital Services Limited के बोर्ड ने 7 मई, 2026 को एक महत्वपूर्ण फैसले में FIH Mauritius Investments Ltd. से लगभग ₹2,000 करोड़ की पूंजी जुटाने की योजना को मंजूरी दी है। यह रकम प्रेफरेंशियल इश्यू (preferential issue) के जरिए जुटाई जाएगी, जिसमें 5.71 करोड़ इक्विटी शेयर ₹350 प्रति शेयर के भाव पर जारी किए जाएंगे।
FIH Mauritius बनेगा प्रमोटर, बदलेगी कंपनी की तस्वीर
इस डील के पूरा होने के बाद, FIH Mauritius Investments Ltd. IIFL Capital Services में 38.47% की हिस्सेदारी रखेगी और कंपनी की प्रमोटर बन जाएगी। यह कदम Fairfax India Holdings Corporation के बड़े निवेश का संकेत है, जिससे कंपनी को एक मजबूत फाइनेंशियल बैकअप मिलेगा।
बढ़ेगी ग्रोथ, बोर्ड में मिलेगी नई आवाज
यह बड़ी कैपिटल इन्फ्यूजन (capital infusion) IIFL Capital Services की वित्तीय स्थिति को और मजबूत करेगा, जिससे कंपनी अपनी ग्रोथ और नई पहलों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकेगी। FIH Mauritius को IIFL Capital Services के बोर्ड में डायरेक्टर नॉमिनेट करने का अधिकार भी मिलेगा, जो कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) और स्ट्रेटेजिक (strategic) फैसलों को प्रभावित कर सकता है।
कंपनी का हालिया प्रदर्शन और वित्तीय स्थिति
कंपनी की बात करें तो, फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वर्ष में IIFL Capital Services का रेवेन्यू (revenue) ₹2,439 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 1% की मामूली बढ़ोतरी है। हालांकि, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 21% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। Q4 FY26 की बात करें तो, रेवेन्यू ₹644 करोड़ (20% YoY) रहा, लेकिन PAT 10% गिर गया, जो लागत दबाव का संकेत देता है।
शेयरधारकों और रेगुलेटर्स की मंजूरी बाकी
इस बड़ी डील को अंतिम रूप देने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी 1 जून, 2026 को होने वाली एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में ली जाएगी। इसके अलावा, इस ट्रांजेक्शन को कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI), सेबी (SEBI), बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) जैसी प्रमुख रेगुलेटरी एजेंसियों से भी अप्रूवल (approval) की जरूरत होगी। इक्विटी शेयर जारी होने के बाद, पब्लिक शेयरहोल्डर्स (public shareholders) के लिए एक मैंडेटरी ओपन ऑफर (mandatory open offer) लाया जाएगा।
आगे क्या हो सकता है?
डील को सफल बनाने के लिए रेगुलेटरी और शेयरहोल्डर अप्रूवल (shareholder approval) सबसे महत्वपूर्ण हैं। साथ ही, कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (AOA) में भी बदलाव की जरूरत होगी। अगले कुछ समय में शेयरधारकों की वोटिंग का नतीजा, रेगुलेटरी क्लीयरेंस (regulatory clearances), ओपन ऑफर की शुरुआत और FIH Mauritius द्वारा डायरेक्टर नॉमिनेशन (director nominations) पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।
