NCLT का नोटिस और SFIO की जांच
IFCI Limited को National Company Law Tribunal (NCLT) से एक नोटिस मिला है। यह नोटिस Serious Fraud Investigation Office (SFIO) द्वारा की गई एक जांच रिपोर्ट के संबंध में है। यह रिपोर्ट मार्च 2017 से पहले मंजूर किए गए कुछ खास लोन और इन्वेस्टमेंट पर केंद्रित है।
जांच का दायरा और प्रोविजनिंग
इन विशिष्ट लोन और इन्वेस्टमेंट की नेट बुक वैल्यू (Net Book Value) 31 दिसंबर, 2025 तक ₹157.26 करोड़ थी। IFCI ने साफ किया है कि कंपनी ने इन एक्सपोजर्स के लिए आवश्यक प्रोविजनिंग (Provisioning) कर ली है। अब यह पूरा मामला NCLT के सामने है।
SFIO की भूमिका और जोखिम
Serious Fraud Investigation Office (SFIO) भारत की वह प्रमुख एजेंसी है जो कॉर्पोरेट जगत में होने वाले जटिल घोटालों की जांच करती है। इस नोटिस के साथ, IFCI अब NCLT के माध्यम से औपचारिक जांच के दायरे में आ गया है। इसके संभावित नतीजों में पेनल्टी (Penalty), कंपनसेशन (Compensation) की मांग या अन्य रेगुलेटरी एक्शन (Regulatory Action) शामिल हो सकते हैं।
बड़ी जांच का हिस्सा
यह NCLT नोटिस, SFIO द्वारा की जा रही एक बड़ी और व्यापक जांच का एक खास हिस्सा है। जनवरी 2026 में शुरू हुई उस बड़ी जांच में ₹6,855 करोड़ की संभावित लेंडिंग इरेगुलैरिटीज़ (Lending Irregularities) की बात कही गई है, जिसमें IFCI के अलावा 90 से अधिक व्यक्ति और कंपनियां शामिल हैं। हालिया ऑडिटर रिपोर्ट्स (Auditor Reports) में भी IFCI को लेकर चिंताएं जताई गई हैं, जैसे प्रोविजनिंग गैप (Provisioning Gap), निगेटिव कैपिटल रिस्क एडिक्वेसी रेशियो (CRAR) और हाई ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) रेशियो।
तत्काल असर और आगे क्या देखना होगा
अब IFCI को ₹157.26 करोड़ के एक्सपोजर से जुड़े NCLT प्रोसीडिंग्स में सक्रिय रूप से भाग लेना होगा। इसके संभावित जोखिमों में कानूनी कार्रवाई, अनिश्चित फाइनेंशियल आउटकम और कंपनी की गवर्नेंस (Governance) व लेंडिंग प्रैक्टिसेस (Lending Practices) पर लगातार पड़ रही नजर के कारण रेपुटेशनल डैमेज (Reputational Damage) शामिल हैं।
साथियों से तुलना
IFCI की वर्तमान स्थिति के विपरीत, Power Finance Corporation (PFC) और REC Limited जैसी साथी कंपनियां अपने कोर लेंडिंग ऑपरेशन्स (Core Lending Operations) पर फोकस कर रही हैं और उन पर इस तरह की बड़े पैमाने पर SFIO की जांच नहीं चल रही है, जिसमें फॉर्मर टॉप मैनेजमेंट (Former Top Management) और कई कॉर्पोरेट एंटिटीज़ (Corporate Entities) शामिल हों।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण
निवेशक और हितधारक NCLT की अगली हियरिंग्स (Hearings) और ऑर्डर्स (Orders) पर बारीकी से नजर रखेंगे। साथ ही, बड़ी SFIO जांच से जुड़े अपडेट्स, संभावित फाइनेंशियल इम्प्लिकेशन्स (Financial Implications) को मैनेज करने के लिए IFCI के डिस्क्लोज़र्स (Disclosures) और कंपनी के अपकमिंग रिजल्ट्स (Upcoming Results) में उसकी फाइनेंशियल परफॉरमेंस व एसेट क्वालिटी (Asset Quality) पर भी ध्यान देना होगा।