कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार दिखा है, क्योंकि VNB मार्जिन 24.7% रहा, जो पिछले साल के 22.8% से बेहतर है।
FY2026 में PAT ₹1,600 करोड़ रहा, जो FY2025 के ₹1,189 करोड़ से काफी ज्यादा है। VNB भी ₹2,370 करोड़ से बढ़कर ₹2,629 करोड़ हो गया। हालांकि, कंपनी को कुछ टैक्स संबंधित चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मार्च 2026 में ₹391 करोड़ का इनकम टैक्स डिमांड नोटिस मिला है, और फरवरी 2026 में ₹984 करोड़ के GST डिमांड पर भी फैसला आया है। कंपनी इन दोनों मामलों में अपील करने की योजना बना रही है और उनका कहना है कि इनका तत्काल कोई बड़ा फाइनेंसियल इम्पैक्ट नहीं होगा।
शेयरधारकों को तोहफा देते हुए, कंपनी के बोर्ड ने ₹1.65 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जो शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, बोर्ड ने अपने ऑडिटर में भी बदलाव किया है और Chaturvedi & Co LLP को नया ज्वाइंट स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया है। एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन (ESOPs) को भी मंजूरी दी गई है।
अन्य लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों की तुलना में ICICI Prudential Life का प्रदर्शन मजबूत रहा है। SBI Life ने 9MFY26 में 4% PAT ग्रोथ और 27.2% VNB मार्जिन दर्ज किया। HDFC Life का 9MFY26 PAT 7% बढ़ा और VNB मार्जिन 24.4% रहा। Bajaj Allianz Life ने FY2024 में 44% PAT ग्रोथ और ₹1,061 करोड़ का VNB दिखाया।
आगे चलकर, निवेशकों की नजर प्रस्तावित ₹1.65 डिविडेंड पर शेयरधारकों की मंजूरी पर रहेगी। साथ ही, टैक्स और GST अपीलों से जुड़े बड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नजर रखी जाएगी। यह देखना अहम होगा कि कंपनी भारतीय लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर की कड़ी प्रतिस्पर्धा में VNB मार्जिन को कैसे बनाए रखती है और नए बिजनेस ग्रोथ को कैसे आगे बढ़ाती है।
