दमदार नतीजों के साथ मुनाफे का धमाका
ICICI Prudential AMC के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने 13 अप्रैल, 2026 को हुई बैठक में 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के नतीजों को मंजूरी दी। कंपनी ने ₹6,001 करोड़ की कुल आय पर ₹3,298 करोड़ (₹32,982.6 मिलियन) का आफ्टर टैक्स प्रॉफिट (PAT) कमाया। पूरे साल के लिए बेसिक और डाइल्यूटेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹66.73 रहे। वहीं, चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी का PAT ₹763 करोड़ (₹7,634.2 मिलियन) रहा, जबकि इसी अवधि में कुल आय ₹1,427 करोड़ (₹14,277.3 मिलियन) दर्ज की गई।
शेयरधारकों को मिलेगा डिविडेंड और स्टॉक ऑप्शंस
कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, ₹12.40 प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम डिविडेंड की सिफारिश की है। इसे वार्षिक आम बैठक (AGM) में पास किया जाएगा। इसके अलावा, कंपनी ने प्रमुख कर्मचारियों को बनाए रखने के उद्देश्य से अपने स्टॉक ऑप्शन (Employee Stock Option Scheme 2025) और यूनिट स्कीम (Employee Stock Unit Scheme 2026) के तहत यूनिट्स (क्रमशः 0.78 मिलियन और 0.19 मिलियन तक) के अनुदान को भी मंजूरी दी है। साथ ही, कंपनी ने अगले पांच सालों (FY2027-FY2031) के लिए M/s. Parikh & Associates को सीक्रेटेरियल ऑडिटर (Secretarial Auditor) के तौर पर नियुक्त किया है।
कंपनी की पृष्ठभूमि और ग्रोथ
ICICI Prudential AMC, ICICI Bank और Prudential Plc का एक संयुक्त उद्यम है और भारतीय एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री का एक प्रमुख खिलाड़ी है। यह तिमाही औसत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) के आधार पर भारत की सबसे बड़ी एक्टिव म्यूचुअल फंड एसेट मैनेजर है। कंपनी ने FY23 से FY25 के बीच अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM), ऑपरेटिंग रेवेन्यू और PAT में लगातार मजबूत ग्रोथ दिखाई है। दिसंबर 2025 में IPO (Offer for Sale) के बाद भी कंपनी ने अपनी ग्रोथ की रफ्तार बरकरार रखी है। कंपनी की डिविडेंड पॉलिसी मुनाफे का 60% या उससे अधिक बांटने का लक्ष्य रखती है।
प्रतिस्पर्धी माहौल और जोखिम
ICICI Prudential AMC का मुकाबला HDFC AMC, Nippon Life India AMC और UTI AMC जैसे बड़े नामों से है। हाल ही में, कंपनी पर IPO प्रॉस्पेक्टस में एक पेंडिंग ट्रेडमार्क विवाद का खुलासा न करने का आरोप लगा है, जिससे कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर सवाल उठ रहे हैं और यह मामला रेगुलेटरी जांच के दायरे में है।
आगे क्या?
निवेशक अब आगामी AGM में ₹12.40 प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड पर वोटिंग का इंतजार करेंगे। साथ ही, सीक्रेटेरियल ऑडिटर की नियुक्ति की भी पुष्टि होगी। कंपनी के AUM ग्रोथ, मार्केट शेयर और रेगुलेटरी मामलों को संभालने पर भी नजर बनी रहेगी।
