ICICI Prudential Asset Management Company (AMC) ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने इस पूरे साल में ₹5,764.63 करोड़ का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) दर्ज किया।
कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹3,298.26 करोड़ रहा। इसके साथ ही, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने प्रति इक्विटी शेयर ₹12.40 के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह सिफारिश कंपनी की आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगी।
नतीजों के साथ-साथ, बोर्ड ने अपने एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन स्कीम 2025 और एम्प्लॉई स्टॉक यूनिट स्कीम 2026 के तहत ग्रांट्स को भी हरी झंडी दे दी है। इन ग्रांट्स का मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण कर्मचारियों को कंपनी में बनाए रखना और उन्हें प्रोत्साहित करना है। इसके अतिरिक्त, M/s. Parikh & Associates को पांच साल की अवधि के लिए सेक्रेटेरियल ऑडिटर (Secretarial Auditors) के तौर पर नियुक्त किया गया है, जिसका फैसला भी शेयरधारकों की मंजूरी के बाद ही होगा।
कंपनी का यह मजबूत फाइनेंशियल परफॉरमेंस उसकी बेहतरीन प्रॉफिटेबिलिटी को दिखाता है। प्रस्तावित डिविडेंड, शेयरहोल्डर्स को रिटर्न (Shareholder Returns) देने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एसेट मैनेजमेंट सेक्टर (Asset Management Sector) में, एम्प्लॉई स्टॉक स्कीम्स (Employee Stock Schemes) टैलेंट रिटेंशन (Talent Retention) और मोटिवेशन (Motivation) के लिए एक अहम टूल हैं। आमतौर पर, एएमसी (AMC) जैसी कैपिटल-लाइट (Capital-light) कंपनियां अच्छा कैश फ्लो (Cash Flow) जेनरेट करती हैं, जिससे वे आकर्षक डिविडेंड भुगतान (Dividend Payouts) कर पाती हैं।
शेयरहोल्डर्स अपनी AGM में डिविडेंड की सिफारिश और सेक्रेटेरियल ऑडिटर की नियुक्ति पर अपनी राय देंगे। ICICI Prudential AMC, HDFC AMC, Nippon India AMC, और UTI AMC जैसे दिग्गजों के साथ एक कड़े कॉम्पिटिटिव माहौल में काम करती है, जो AUM ग्रोथ (AUM Growth), इन्वेस्टर सर्विसेज (Investor Services) और शेयरहोल्डर रिटर्न्स पर लगातार फोकस करते हैं।
