नतीजों पर एक नज़र
बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 18 अप्रैल, 2026 को हुई मीटिंग में फाइनेंशियल ईयर 2026 (जो 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुआ) के नतीजों को मंजूरी दी। इस दौरान, ICICI Bank का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹54,208 करोड़ रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर की तुलना में 6.2% बढ़ा है। स्टैंडअलोन (Standalone) प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹50,147 करोड़ रहा, जो 6.2% की बढ़ोतरी दिखाता है।
FY2026 की चौथी तिमाही (Q4) में, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 9.3% बढ़कर ₹14,755 करोड़ हो गया। बैंक की टोटल डिपॉजिट्स (Total Deposits) में 11.4% का शानदार उछाल देखा गया और यह ₹17,94,625 करोड़ तक पहुंच गई। वहीं, बैंक के लोन पोर्टफोलियो (Loan Portfolio) में 15.8% की वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹15,53,893 करोड़ तक पहुंच गया। सबसे अहम बात यह है कि बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) मजबूत बनी हुई है, जिसमें नेट एनपीए (Net NPA) रेशियो सिर्फ 0.33% है।
शेयरधारकों को इनाम
निवेशकों के भरोसे को बनाए रखने के लिए, बैंक के बोर्ड ने FY2026 के लिए ₹12 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है। इस प्रस्ताव को शेयरधारकों की मंजूरी आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में मिलेगी।
पिछली परफॉरमेंस का लेखा-जोखा
ICICI Bank ने पिछले फाइनेंशियल ईयर, FY2025 में भी दमदार परफॉरमेंस दिखाई थी। तब कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹47,227 करोड़ था, जो 15.5% की ग्रोथ दर्शाता है। टोटल डिपॉजिट्स 14% बढ़कर ₹16,10,348 करोड़ हो गई थी। FY2026 की तीसरी तिमाही (Q3) में, बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) 7.7% बढ़कर ₹14,957 करोड़ दर्ज किया गया था, हालांकि उस तिमाही में कुछ ज्यादा प्रोविजन्स (Provisions) के चलते स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में 4% की गिरावट आई थी।
कॉम्पिटिशन (Peer Comparison)
भारतीय बैंकिंग सेक्टर में ICICI Bank के मुख्य प्रतिस्पर्धियों में HDFC Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और Axis Bank शामिल हैं। ये सभी बैंक डिपॉजिट्स, लोंस और फी-बेस्ड इनकम के मामले में एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देते हैं।
