मुनाफे में आई बंपर तेजी, जानें वजह
ICICI Bank ने 31 मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने नतीजों की घोषणा की है। बैंक का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) Q4 FY26 में 9.3% बढ़कर ₹14,755 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, पूरे FY26 के लिए कंसोलिडेटेड PAT 6.2% बढ़कर ₹54,208 करोड़ रहा।
NII और लोन ग्रोथ ने खींचा ध्यान
चौथी तिमाही में बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 8.4% की ग्रोथ के साथ ₹22,979 करोड़ दर्ज किया गया। इस ग्रोथ का मुख्य कारण 15.8% की जबरदस्त ईयर-ऑन-ईयर लोन ग्रोथ रही। बैंक ने अपनी एसेट क्वालिटी को भी बखूबी संभाला है, जहां नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (Net NPA) रेशियो मार्च 2026 के अंत तक 0.33% पर स्थिर बना हुआ है। कुल डिपॉजिट में भी 11.4% की अच्छी बढ़ोतरी देखी गई।
डिजिटल फोकस और मजबूत कैपिटल
बैंक अपनी रिटेल और एसएमई (SME) सेगमेंट में रिस्क-कैलibrated एक्सपेंशन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। iMobile और InstaBIZ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स कस्टमर एंगेजमेंट को बढ़ा रहे हैं। 16.35% के कॉमन इक्विटी टियर-1 (CET-1) रेशियो जैसे मजबूत कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो भविष्य की ग्रोथ के लिए एक ठोस आधार प्रदान करते हैं।
शेयरधारकों को डिविडेंड का तोहफा
FY2026 के लिए, बैंक ने शेयरधारकों को ₹12 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) देने का प्रस्ताव रखा है, जिसकी मंजूरी अभी बाकी है। बैंक का लक्ष्य मुनाफे वाली ग्रोथ और स्थायी रिटर्न बनाए रखना है।
भू-राजनीतिक जोखिमों पर नजर
बैंक प्रबंधन वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष जैसे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि इससे मार्केट यील्ड, करेंसी और इकोनॉमिक ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।
कंपीटिटिव पोजिशनिंग
15.8% की लोन ग्रोथ के साथ ICICI Bank, HDFC Bank और SBI जैसे अन्य बड़े बैंकों की तरह मजबूत एसेट क्वालिटी (0.33% Net NPA) बनाए हुए है, जो इसे बैंकिंग सेक्टर में एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित करता है।
