FY26 के नतीजों का पूरा ब्योरा
ICICI Bank ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने स्टैंडअलोन वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। पूरे वित्तीय वर्ष के लिए, बैंक ने ₹50,146.64 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 6.18% की बढ़ोतरी है। वहीं, FY26 के लिए बैंक की टोटल इनकम 4.66% बढ़कर ₹200,703.68 करोड़ रही।
संपत्ति की गुणवत्ता पर पकड़
बैंक ने अपनी संपत्ति की गुणवत्ता को भी मजबूत बनाए रखा है। 31 मार्च, 2026 तक, बैंक का नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) रेशियो 0.33% के निचले स्तर पर बना हुआ है।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे
वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के लिए, ICICI Bank का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 8.49% बढ़कर ₹13,701.68 करोड़ रहा। इस तिमाही में टोटल इनकम 1.80% बढ़कर ₹50,584.38 करोड़ दर्ज की गई।
डिविडेंड का ऐलान
बैंक के डायरेक्टर्स बोर्ड ने शेयरधारकों को ₹12 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है। स्टैच्यूटरी ऑडिटर ने वित्तीय स्टेटमेंट्स पर एक अनमॉडिफाइड ओपिनियन जारी किया है, यानी कोई बड़ी आपत्ति नहीं जताई है।
मर्जर का असर और निवेशक के लिए खास बात
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि हाल ही में ICICI Securities के साथ हुए मर्जर के कारण, Q4 और पूरे FY26 के कंसॉलिडेटेड नतीजों की तुलना पिछले सालों से करना मुश्किल होगा। यह एक स्ट्रक्चरल बदलाव है जिसका असर ग्रुप के ओवरऑल परफॉरमेंस को ट्रैक करने में पड़ेगा।
भविष्य के लिए संकेत
ICICI Bank के स्टैंडअलोन नतीजे उसके कोर बैंकिंग ऑपरेशंस में मजबूत ग्रोथ और ऑपरेशनल रेजिलिएंस को दर्शाते हैं। कम नेट एनपीए रेशियो टिकाऊ प्रॉफिटेबिलिटी और निवेशकों के भरोसे के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, कंसॉलिडेटेड नतीजों की तुलना में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। निवेशकों को स्टैंडअलोन परफॉरमेंस मेट्रिक्स पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप
ICICI Bank का मुकाबला HDFC Bank, State Bank of India (SBI) और Axis Bank जैसे बड़े बैंकों से है। उदाहरण के लिए, HDFC Bank ने Q4 FY26 में 9.1% का ईयर-ऑन-ईयर प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज किया था।
अन्य वित्तीय आंकड़े
- FY26 के लिए स्टैंडअलोन टोटल एक्सपेंसेस ₹129,104.81 करोड़ थे।
- 31 मार्च, 2026 तक नेट वर्थ ₹326,794.68 करोड़ था।
