कंपनी के मुनाफे में जबरदस्त उछाल
ICICI Bank के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 18 अप्रैल, 2026 को हुई मीटिंग में 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर और क्वार्टर के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दी। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹54,208 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 6.2% ज्यादा है। वहीं, चौथे क्वार्टर (Q4-2026) में कंसॉलिडेटेड PAT ₹14,755 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से 9.3% बढ़ा है।
स्टैंडअलोन बेसिस पर, FY2026 के लिए PAT ₹50,147 करोड़ रहा, जिसमें 6.2% की सालाना ग्रोथ देखी गई। Q4-2026 स्टैंडअलोन PAT ₹13,702 करोड़ पर पहुंचा, जो पिछले साल की इसी तिमाही से 8.5% अधिक है।
डिविडेंड और फंड जुटाने की सीमा पर बड़े फैसले
बैंक के बोर्ड ने FY2026 के लिए ₹12 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है, जो एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
इसके अलावा, बैंक ने फंड जुटाने की सालाना सीमा को भी रिन्यू कर दिया है। इसमें घरेलू बाजारों में ₹250 बिलियन तक और विदेशी बाजारों में USD 1.5 बिलियन तक की सीमा शामिल है, जो एक साल के लिए मान्य होगी।
Mr. G. Srinivas के ग्रुप चीफ रिस्क ऑफिसर के तौर पर कार्यकाल को 1 अगस्त, 2026 से बढ़ाकर 31 जुलाई, 2028 तक कर दिया गया है।
ये मजबूत फाइनेंशियल आंकड़े ICICI Bank के लगातार बेहतर प्रदर्शन और कमाई बढ़ाने की क्षमता को दर्शाते हैं। प्रस्तावित डिविडेंड सीधे शेयरहोल्डर्स को रिटर्न देगा, जो बैंक की लाभप्रदता को दिखाता है। फंड जुटाने की सीमाओं को रिन्यू करने से बैंक को अगले साल ग्रोथ इनिशिएटिव्स, रेगुलेटरी जरूरतों और बिजनेस एक्सपेंशन के लिए पूंजी तक पहुंचने में वित्तीय लचीलापन मिलेगा।
बैंक की पृष्ठभूमि और बाजार में स्थिति
ICICI Bank भारत के लीडिंग प्राइवेट सेक्टर बैंकों में से एक है, जो रिटेल बैंकिंग, होलसेल बैंकिंग, ट्रेजरी और इंटरनेशनल बैंकिंग सहित कई तरह की फाइनेंशियल सर्विसेज देता है। बैंक एक इंटीग्रेटेड डिजिटल इकोसिस्टम चलाता है और टेक्नोलॉजी में अपने इनोवेटिव कदमों के लिए जाना जाता है। FY2025 में, बैंक ने ₹51,029 करोड़ का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स दर्ज किया था।
बाजार में ICICI Bank, HDFC Bank के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर बैंक है। इसके मुख्य प्रतिस्पर्धियों में HDFC Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank शामिल हैं।
अहम फाइनेंशियल मेट्रिक्स
- 31 मार्च, 2026 तक स्टैंडअलोन बेसिस पर टोटल डिपॉजिट ₹17,94,625 करोड़ रहा।
- 31 मार्च, 2026 तक स्टैंडअलोन बेसिस पर टोटल लोंस ₹15,53,893 करोड़ तक पहुंच गया।
- 31 मार्च, 2026 तक स्टैंडअलोन बेसिस पर नेट एनपीए (NPA) रेशियो 0.33% पर बना रहा।
- 31 मार्च, 2026 तक स्टैंडअलोन बेसिस पर कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 17.18% था।
आगे क्या?
शेयरहोल्डर्स एनुअल जनरल मीटिंग में ₹12 प्रति शेयर के प्रस्तावित डिविडेंड के अप्रूवल का इंतजार करेंगे। इसके अलावा, बैंक द्वारा फंड जुटाने की नई सीमाओं का इस्तेमाल बिजनेस ग्रोथ के लिए कैसे किया जाता है, इस पर भी नजर रहेगी।
बैंक के सामने कुछ संभावित जोखिम भी हैं, जिनमें रेगुलेटरी बदलाव, आर्थिक स्थितियां, ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव, एनपीए (NPA) में वृद्धि और बाजार के जोखिम शामिल हैं।
