बड़ी घोषणा: कर्मचारियों को मिले नए शेयर
ICICI Bank ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा है कि उसने 'ICICI Bank Employees Stock Option Scheme-2000' के तहत 6,99,237 इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। हर शेयर का फेस वैल्यू ₹2 है। यह फैसला बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की ओर से लिया गया है, जिन्हें बोर्ड की ओर से 21 अक्टूबर 2023 को अधिकार सौंपे गए थे।
यह कदम क्यों उठाया गया?
इस शेयर आवंटन का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना, उनमें स्वामित्व की भावना बढ़ाना और उनके हितों को कंपनी के लॉन्ग-टर्म परफॉरमेंस से जोड़ना है। इक्विटी-आधारित कंपनसेशन (compensation) का यह तरीका टैलेंट को बनाए रखने और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाता है।
शेयरधारकों पर क्या होगा असर?
इस आवंटन से कंपनी के कुल आउटस्टैंडिंग शेयर्स की संख्या में 6,99,237 की मामूली बढ़ोतरी होगी। इसका मतलब है कि मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी (stake) में थोड़ी डाइल्यूशन (dilution) यानी कमी आएगी। हालांकि, यह बड़े फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस में टैलेंट रिटेंशन के लिए एक सामान्य और स्वीकार्य प्रैक्टिस है।
पहले भी हुए हैं ऐसे आवंटन
ICICI Bank के लिए यह कोई नई बात नहीं है। बैंक का इस तरह से ESOPs के जरिए शेयर जारी करने का एक लंबा इतिहास रहा है। इस 30 अप्रैल 2026 की घोषणा से पहले भी, बैंक ने 17 अप्रैल को 30,01,435 शेयर और 21 अप्रैल को 9,12,191 शेयर आवंटित किए थे। ये दिखाता है कि बैंक अपने कर्मचारियों को इंसेंटिव देने के लिए ESOPs का लगातार इस्तेमाल कर रहा है।
इंडस्ट्री में यह ट्रेंड आम है
ICICI Bank की तरह, Axis Bank, HDFC Bank और State Bank of India जैसे दूसरे बड़े भारतीय बैंक भी नियमित रूप से ESOPs और इसी तरह की स्कीमें चलाते हैं। यह बैंकिंग सेक्टर में टैलेंट मैनेजमेंट के लिए एक स्टैंडर्ड प्रैक्टिस बन गई है, ताकि बेहतरीन कर्मचारियों को आकर्षित किया जा सके और उन्हें कंपनी में बनाए रखा जा सके।
