H1 की मुश्किलों को पार कर कंपनी ने की जोरदार वापसी
FY26 में Home First Finance Company India Ltd. ने शानदार रिकवरी दिखाई है। साल की पहली छमाही में स्टाफिंग और कर्मचारियों के कंपनी छोड़ने जैसी आंतरिक दिक्कतों का सामना करने के बाद, कंपनी ने दूसरी छमाही में अपनी ऑपरेशनल क्षमता को मजबूत किया। चौथी तिमाही (Q4) में ₹1,572 करोड़ के रिकॉर्ड डिस्बर्समेंट (Disbursement) हुए, जो मांग को पूरा करने और परिचालन को बेहतर बनाने का प्रमाण है। इसी के साथ, एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में भी सुधार देखा गया, जहां 1+ दिन की ड्यू (1+ DPD) रेश्यो घटकर 4.7% और ग्रॉस स्टेज 3 एसेट्स (Gross Stage 3 Assets) 1.8% पर आ गईं।
FY27 के लिए ग्रोथ का भरोसा
आगे देखते हुए, कंपनी FY27 के लिए AUM में 25% की वृद्धि का लक्ष्य बनाए हुए है। Home First Finance का इरादा नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) को 5% से 5.25% के बीच बनाए रखने का है। कंपनी अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी के तहत हर साल 30-40 नए ब्रांच खोलने की योजना बना रही है। ऑपरेशनल प्रोडक्टिविटी और सोर्सिंग एफिशिएंसी को बढ़ाने के लिए AI में निवेश जारी रहेगा। क्रेडिट कॉस्ट (Credit Costs) को 30-40 बेसिस पॉइंट के बीच नियंत्रित रखने की उम्मीद है।
जोखिम और अहम मेट्रिक्स
मजबूत रिकवरी के बावजूद, मैनेजमेंट ने पिछली ऑपरेशनल चुनौतियों को स्वीकार किया है। Q4 FY26 में प्राइम लेंडिंग रेट (PLR) में 10 बेस पॉइंट की कमी का इंटरेस्ट इनकम पर लगभग 80 बेस पॉइंट का असर पड़ा। कंपनी ने पूरे फाइनेंशियल ईयर में ₹36 करोड़ के बैड डेट्स (Bad Debts) राइट-ऑफ किए। को-लेंडिंग अरेंजमेंट (Co-lending Arrangements) से जुड़े रेगुलेटरी डेवलपमेंट (Regulatory Developments) पर जून तक समाधान की उम्मीद है। कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CRAR) मार्च 2026 तक 44.1% पर मजबूत बना रहा।
अफोर्डेबल हाउसिंग में मजबूत पोजीशन
डिजिटल सोर्सिंग और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर Home First Finance का फोकस अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में इसे एक मजबूत कंपटीटर बनाता है। कंपनी का लक्ष्य कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो (Cost-to-Income Ratio) लगभग 30% बनाए रखना है। Aavas Financiers और Aptus Value Housing Finance जैसी कंपनियां भी इसी सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा करती हैं, और समान ग्राहक वर्ग को सेवा प्रदान करती हैं।
