दमदार नतीजे, शेयरहोल्डर्स को तोहफा!
वित्त वर्ष 2026 (FY26) के अंत में, Home First Finance Company India Ltd (HFFC) ने अपने नतीजों से बाजार को प्रभावित किया है। कंपनी की स्टैंडअलोन आय में पिछले साल के मुकाबले 24.92% का उछाल आया, जो ₹1,922.72 करोड़ पर पहुंच गई। वहीं, नेट प्रॉफिट में 41.44% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो ₹540.38 करोड़ रही।
चौथे क्वार्टर (Q4 FY26) के नतीजे भी दमदार रहे। इस तिमाही में कंपनी की कुल आय 21.27% बढ़कर ₹504.74 करोड़ हुई, और नेट प्रॉफिट ₹149.45 करोड़ दर्ज किया गया।
शेयरधारकों को डिविडेंड और कैपिटल ग्रोथ
कंपनी ने अपने शेयरधारकों को खुश करते हुए ₹5.20 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है। इसके अलावा, अक्टूबर 2023 में किए गए एक क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) से जुटाए गए करीब ₹1,250 करोड़ ने कंपनी की इक्विटी को और मजबूत किया है, जिससे ग्रोथ के लिए क्षमता बढ़ी है। कंपनी के ऑडिटर ने भी वित्तीय रिपोर्टिंग पर अपनी क्लीन ओपिनियन दी है।
मार्केट में पैठ और कॉम्पिटिशन
Home First Finance प्रतिस्पर्धी हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में काम करती है, जहाँ इसका मुकाबला Aavas Financiers, PNB Housing Finance और Can Fin Homes जैसी कंपनियों से है। यह कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी-बेस्ड अप्रोच और मिड-टू-लो इनकम ग्राहकों के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग पर फोकस के ज़रिए अपनी खास पहचान बनाती है।
निवेशकों की चिंताएं भी हैं
बाजार की नजरें कंपनी द्वारा बढ़ाए गए लोन लॉस प्रोविजन्स (Loan Loss Provisions) पर हैं। वित्तीय साधनों पर वार्षिक इम्पेयरमेंट (impairment) पिछले साल के ₹28.77 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹56.88 करोड़ हो गया है। नए लेबर कानूनों के तहत कर्मचारी लाभों के लिए ₹3.30 करोड़ का एक नया प्रोविजन भी दर्ज किया गया।
इसके अलावा, कंपनी के बॉरोइंग्स (Borrowings) में भी बढ़ोतरी देखी गई है, जो ₹9,265.86 करोड़ से बढ़कर ₹10,362.61 करोड़ हो गई हैं। यह कंपनी के ऑपरेशन्स को सपोर्ट करने के लिए डेट फाइनेंसिंग पर बढ़ती निर्भरता को दर्शाता है।
वित्तीय स्थिति (31 मार्च 2026 तक)
- कुल इक्विटी: ₹4,356.54 करोड़
- कुल एसेट्स: ₹15,166.54 करोड़
- बॉरोइंग्स (डेट सिक्योरिटीज को छोड़कर): ₹10,362.61 करोड़
