होम फर्स्ट फाइनेंस का दमदार परफॉरमेंस
कंपनी ने मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में 1914.59 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया, जो पिछले साल के 1352.51 करोड़ रुपये से काफी ज्यादा है। 540.38 करोड़ रुपये का मुनाफा पिछले फाइनेंशियल ईयर के 382.07 करोड़ रुपये के मुकाबले 41% की वृद्धि दर्शाता है। कंपनी के ऑडिटर ने वित्तीय नतीजों पर 'अनमॉडिफाइड ओपिनियन' दी है, जिससे कंपनी की रिपोर्टिंग की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर मुहर लगती है।
ग्रोथ के लिए फंड जुटाने की योजना
भविष्य की विस्तार योजनाओं को पंख देने के लिए, होम फर्स्ट फाइनेंस के बोर्ड ने 1000 करोड़ रुपये तक की राशि नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह फंड मुख्य रूप से कंपनी के विस्तार और किफायती हाउसिंग सेक्टर में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी ने इससे पहले फरवरी 2024 में भी 350 करोड़ रुपये NCDs के जरिए जुटाए थे।
शेयरधारकों को मिलेगा डिविडेंड
शेयरधारकों को भी इस शानदार परफॉरमेंस का तोहफा मिलेगा। बोर्ड ने 5.20 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है, जिसे आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है।
होम फर्स्ट फाइनेंस एक टेक-सेवी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (HFC) है जो मध्यम-आय वर्ग के लोगों के लिए होम लोन प्रदान करती है। यह HDFC Ltd, Bajaj Housing Finance Ltd और PNB Housing Finance Ltd जैसी बड़ी कंपनियों के बीच अपनी खास जगह बनाए हुए है। निवेशक अब AGM में डिविडेंड वोटिंग और 1000 करोड़ रुपये के फंड के रणनीतिक इस्तेमाल पर नजर रखेंगे।
