यह अलॉटमेंट कंपनी के कर्मचारियों को पुरस्कृत करने और उन्हें कंपनी में लंबे समय तक बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है। इन नए शेयर्स की फेस वैल्यू ₹2 है और ये मौजूदा शेयर्स की तरह ही वोटिंग और डिविडेंड जैसे सभी अधिकार रखेंगे।
इस कदम से कंपनी की कुल पेड-अप शेयर कैपिटल बढ़कर ₹20,89,16,962 हो गई है। चूंकि जारी किए गए नए शेयर्स की संख्या मौजूदा कुल शेयर्स की तुलना में काफी कम है, इसलिए शेयरधारकों की हिस्सेदारी में होने वाला डाइल्यूशन (Dilution) या कमी बहुत मामूली होगी।
Home First Finance का ESOP स्कीम्स का इस्तेमाल करने का इतिहास रहा है। इससे पहले भी मार्च 2026 में 81,996 शेयर्स और फरवरी 2026 में 1,50,385 शेयर्स अलॉट किए गए थे।
कंपनी ने अपनी पूंजी बढ़ाने के लिए अन्य तरीके भी अपनाए हैं। उदाहरण के लिए, अप्रैल 2025 में, कंपनी ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए ₹1,250 करोड़ जुटाए थे।
शेयरधारकों के लिए मुख्य बदलावों में कुल आउटस्टैंडिंग इक्विटी शेयर्स की संख्या में 1,30,464 की वृद्धि, पेड-अप शेयर कैपिटल में ₹2,60,928 की बढ़ोतरी, और मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी में बहुत कम कमी शामिल है। नए शेयर्स के पास मौजूदा शेयर्स के समान ही वोटिंग और डिविडेंड अधिकार होंगे।
ESOP योजनाएं वित्तीय सेवा क्षेत्र में कर्मचारियों के कंपनसेशन (Compensation) और रिटेंशन (Retention) के लिए एक आम तरीका हैं। LIC Housing Finance, PNB Housing Finance, Aptus Value Housing Finance, और Can Fin Homes जैसे प्रतिस्पर्धी भी ऐसे कार्यक्रमों का उपयोग करते हैं।
कंपनी के परफॉरमेंस की बात करें तो, दिसंबर 2025 तक, कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) लगभग ₹14,925 करोड़ थे। फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही के लिए, Home First Finance ने लगभग ₹482.2 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹140 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया था।
निवेशक अब स्टॉक एक्सचेंजों पर इन नए शेयर्स की लिस्टिंग और ट्रेडिंग पर नजर रखेंगे। भविष्य में ESOP ग्रांट्स, शेयर संख्या पर उनके प्रभाव, और कंपनी के AUM ग्रोथ व प्रॉफिटेबिलिटी पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण होगा।
