SEBI के 19 अक्टूबर, 2023 के सर्कुलर में बताए गए 'लार्ज कॉर्पोरेट' (LC) फ्रेमवर्क के तहत, Helpage Finlease Limited ने स्टॉक एक्सचेंजों को अपनी स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि वह SEBI द्वारा परिभाषित LC के लिए तय किए गए मापदंडों को पूरा नहीं करती है। इसका सीधा मतलब है कि कंपनी डेट सिक्योरिटीज के ज़रिए फंड रेजिंग (fundraising) के लिए आवश्यक शुरुआती और सालाना डिस्क्लोजर (disclosure) की बाध्यता से मुक्त रहेगी।
यह छूट Helpage Finlease के लिए एक बड़ी नियामकीय राहत लेकर आई है। जिन कंपनियों को 'लार्ज कॉर्पोरेट' का दर्जा मिलता है, उन्हें डेट जारी करते समय कड़ी डिस्क्लोजर की शर्तों का पालन करना पड़ता है। LC परिभाषा के दायरे में न आने से Helpage Finlease को इन अनुपालन (compliance) बोझों से निजात मिली है, जिससे कंपनी अपने मुख्य लेंडिंग ऑपरेशन्स पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकेगी।
SEBI ने कॉर्पोरेट डेट मार्केट को मज़बूत करने के उद्देश्य से 'लार्ज कॉर्पोरेट' फ्रेमवर्क पेश किया था। इस नियम के मुताबिक, योग्य संस्थाओं को तीन साल की अवधि में अपने क्वालिफाइड बरोइंग्स (borrowings) का कम से कम 25% डेट सिक्योरिटीज के ज़रिए जुटाना होता है। LC बनने के लिए, एक इकाई के लिस्टेड सिक्योरिटीज, ₹1000 करोड़ या उससे अधिक के लॉन्ग-टर्म बरोइंग्स, और 'AA' या उससे उच्च क्रेडिट रेटिंग का होना ज़रूरी है। यह फ्रेमवर्क 1 अप्रैल, 2024 से लागू है।
Helpage Finlease, जो कि एक माइक्रो-कैप NBFC है, LC के लिए ₹1000 करोड़ के बरोइंग थ्रेशोल्ड को पूरा नहीं करती। कंपनी के पिछले नौ महीनों (जो 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए) के वित्तीय नतीजों के अनुसार, इसका नेट सेल्स ₹10.01 करोड़ और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹2.55 करोड़ रहा। 24 अप्रैल, 2026 तक, कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹22 करोड़ था, और पिछले बारह महीनों (TTM) में इसका रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 19.4% दर्ज किया गया। इसके साथी, जैसे Munoth Financial Services, Sugal and Damani Share Brokers, और Arman Holdings, भी अपने स्केल के कारण संभवतः LC परिभाषा के बाहर ही हैं।
