NSE का अहम फैसला
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने Halder Venture के शेयरों को 'इन्फ्रीक्वेंटली ट्रेडेड' से 'फ्रीक्वेंटली ट्रेडेड' में बदल दिया है। यह कदम कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे मार्केट में शेयरों की लिक्विडिटी (Liquidity) बढ़ती है और ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) में इजाफा होता है।
वारंट इश्यू पर अपडेट
इस डेवलपमेंट के साथ ही, कंपनी ने यह भी साफ कर दिया है कि वे 7,93,650 कनवर्टिबल वारंट जारी करने की अपनी प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) योजना पर आगे बढ़ रहे हैं। यह शेयरधारकों के लिए कैपिटल जुटाने (Capital Raise) का एक जरिया है।
कीमत में कोई बदलाव नहीं
खास बात यह है कि NSE की इस री-क्लासिफिकेशन (Reclassification) के बावजूद, इन वारंट्स की इश्यू प्राइस (Issue Price) में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कंपनी ने बताया है कि यह प्राइस एक पुरानी वैल्यूएशन रिपोर्ट (Valuation Report) के आधार पर तय रहेगी, जिससे निवेशकों को प्राइसिंग को लेकर स्पष्टता मिलती है।
आगे क्या?
यह पूरा मामला भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) की मंजूरी पर निर्भर करता है। SEBI के ICDR (Issue of Capital and Disclosure Requirements) नियमों के तहत आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। शेयरधारकों को इस प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए कैपिटल इन्फ्यूजन (Capital Infusion) की उम्मीद है। कंपनी का स्टॉक अब NSE पर अधिक लिक्विड और फ्रीक्वेंटली ट्रेडेड माना जाएगा।
