Housing & Urban Development Corporation Ltd (HUDCO) के निवेशकों के लिए एक मिली-जुली खबर आई है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए अपने शानदार ऑडिटेड नतीजे घोषित किए हैं, जिसमें कुल आय (Total Income) में 37% की भारी उछाल दर्ज की गई है। इसके साथ ही, कंपनी का बेसिक ईपीएस (Basic EPS) भी बढ़कर ₹20.15 हो गया है, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹13.53 था।
कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को ₹1.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) देने की सिफारिश की है, जिसे आने वाली AGM (Annual General Meeting) में मंजूरी मिलनी बाकी है। इसके अलावा, HUDCO ने फरवरी 2026 में बॉन्ड इश्यू (Bond Issue) के जरिए ₹1,422 करोड़ भी सफलतापूर्वक जुटाए थे, जिनका पूरा इस्तेमाल किया जा चुका है।
हालांकि, इन अच्छी खबरों के बीच कुछ नियामक चिंताएं (Regulatory Concerns) भी सामने आई हैं। HUDCO ने खुद SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स (Independent Directors) की संख्या से संबंधित नियमों के पालन में कमी की बात स्वीकार की है। यह कमी 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि के लिए है। साथ ही, कंपनी RBI के NBFC-IFC (Non-Banking Financial Company-Investment and Credit Company) के कुछ नियमों का भी पालन नहीं कर रही है, जैसे कि मुख्य व्यावसायिक मानदंडों को पूरा करना और संयुक्त उद्यम निवेशों का विनिवेश (divestment) करना। HUDCO ने इन RBI नियमों के अनुपालन के लिए विस्तार (extension) की मांग की है, जिस पर अभी विचार चल रहा है।
अगर प्रतिस्पर्धियों की बात करें तो LIC Housing Finance ने FY25 में ₹2,398.64 करोड़ का PAT (Profit After Tax) और PNB Housing Finance ने ₹1,695.79 करोड़ का PAT दर्ज किया था। HUDCO का FY26 का PAT ₹4,034.37 करोड़ इन दोनों से काफी बेहतर नजर आता है। 31 मार्च 2026 तक, HUDCO पर कुल वित्तीय कर्ज (total financial indebtedness) ₹1,41,677.00 करोड़ था।
संक्षेप में, HUDCO ने FY26 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दिखाया है। हालांकि, रेगुलेटरी मुद्दे निवेशकों की नजर में बने रहेंगे। शेयरधारकों की मंजूरी पर डिविडेंड और RBI से मिलने वाले विस्तार का फैसला कंपनी के भविष्य के लिए अहम होगा।
