Housing and Urban Development Corporation Ltd (HUDCO) ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं।
कंपनी ने इस अवधि में ₹4,034.37 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। वहीं, कुल आय ₹13,150.40 करोड़ पर पहुंची।
14 मई, 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में, वित्तीय वर्ष के नतीजों को मंजूरी दी गई। बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, ₹1.50 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह मंजूरी आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ली जाएगी।
कंपनी ने एक अपडेटेड अकाउंटिंग पॉलिसी को भी अपनाया है, जिसे स्पष्टीकरण के तौर पर बताया गया है और इसका कोई बड़ा वित्तीय प्रभाव नहीं है।
मुख्य विकास और जोखिम:
HUDCO के शेयरधारकों के लिए मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और प्रस्तावित डिविडेंड एक सकारात्मक खबर है। हालांकि, कंपनी ने SEBI और RBI के साथ चल रहे रेगुलेटरी कम्प्लायंस (Regulatory Compliance) के मुद्दों का भी खुलासा किया है। साथ ही, ₹685.64 करोड़ की रिकवरी (Recovery) का एक बड़ा बकाया भी कंपनी के सामने है, जो भविष्य में परिचालन और वित्तीय जोखिम पैदा कर सकता है।
कंपनी की पृष्ठभूमि:
HUDCO, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत एक सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज (CPSE) है। यह पूरे भारत में हाउसिंग और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए एक प्रमुख फाइनेंसर के रूप में काम करती है। कंपनी ने मई 2022 में अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) सफलतापूर्वक लॉन्च किया था, जिसे निवेशकों से भारी प्रतिक्रिया मिली थी।
कम्प्लायंस और रिकवरी पर फोकस:
शेयरधारक आगामी AGM में प्रस्तावित फाइनल डिविडेंड की औपचारिक मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। HUDCO को 1 अप्रैल, 2023 से 31 मार्च, 2026 की अवधि के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स (Independent Directors) की निर्धारित संख्या से संबंधित SEBI कम्प्लायंस से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से 31 मार्च, 2026 की समय सीमा के बाद, खासकर प्रिंसिपल बिजनेस क्राइटेरिया (Principal Business Criteria) के संबंध में, अपनी NBFC-ICC रजिस्ट्रेशन (NBFC-ICC Registration) की जरूरतों को पूरा करने के लिए विस्तार की भी मांग की है।
'नो लीन AGP अकाउंट' (No lien AGP Account) से ₹685.64 करोड़ की बकाया राशि की रिकवरी एक महत्वपूर्ण वित्तीय लक्ष्य बनी हुई है, जिसके लिए आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के साथ लगातार चर्चाएं चल रही हैं।
प्रमुख वित्तीय आंकड़े:
FY26 के लिए कंसोलिडेटेड टोटल इनकम ₹13,150.40 करोड़ रही। FY26 के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹4,034.37 करोड़ था। 31 मार्च, 2026 तक कंसोलिडेटेड नेट वर्थ ₹21,975.46 करोड़ दर्ज किया गया। FY26 के लिए कंसोलिडेटेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹20.15 था। FY26 में रेज्ड परपेचुअल डेट सिक्योरिटीज ₹1442.00 करोड़ थी। 'नो लीन AGP अकाउंट' से संबंधित बकाया राशि 31 मार्च, 2026 तक ₹685.64 करोड़ थी।
भविष्य की महत्वपूर्ण बातें:
निवेशक आगामी AGM में प्रस्तावित फाइनल डिविडेंड के लिए शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार करेंगे। प्रमुख रेगुलेटरी घटनाओं में NBFC-ICC कम्प्लायंस और प्रिंसिपल बिजनेस क्राइटेरिया को पूरा करने के लिए मांगी गई एक्सटेंशन पर RBI का निर्णय शामिल है। 'नो लीन AGP अकाउंट' फंड की रिकवरी के लिए MoHUA के साथ चर्चाओं में प्रगति भी महत्वपूर्ण है। इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के कम्प्लायंस मुद्दों पर SEBI से कोई भी रेगुलेटरी अपडेट या कार्रवाई पर नजर रखी जाएगी।
