क्यों बांटी गई इतनी बड़ी हिस्सेदारी?
कंपनी का कहना है कि यह कदम मुख्य रूप से अपने की-टैलेंट (key talent) को बनाए रखने और उन्हें मोटिवेट करने के लिए उठाया गया है। ये ESOPs, ESOP 2025 स्कीम के तहत 8,70,471 और ESOP 2022 स्कीम के तहत 32,372 यूनिट्स में बांटे गए हैं।
जानें कब मिलेंगे ये फायदे?
इन ऑप्शंस का एक खास वेस्टिंग (vesting) शेड्यूल है। कर्मचारियों को पहले साल की पहली सालगिरह पर 30%, दूसरे साल की सालगिरह पर 30%, और तीसरे साल की सालगिरह पर बाकी बचे 40% ऑप्शन मिलेंगे।
ऑप्शंस वेस्ट होने के बाद, कर्मचारी ESOP 2025 के तहत मिले ऑप्शंस को 4 साल के अंदर और ESOP 2022 के तहत मिले ऑप्शंस को 5 साल के अंदर एक्सरसाइज कर सकते हैं।
शेयरधारकों पर क्या होगा असर?
यह एक आम रणनीति है जिसका इस्तेमाल कंपनियां अपने कर्मचारियों को कंपनी के विकास से जोड़ने के लिए करती हैं। हालांकि, जब कर्मचारी इन ऑप्शंस को एक्सरसाइज करेंगे, तो कंपनी के शेयरों की कुल संख्या बढ़ सकती है, जिससे मौजूदा शेयरधारकों के हिस्से में थोड़ी कमी (dilution) आ सकती है।
HDFC Life के अलावा, SBI Life और ICICI Prudential Life Insurance जैसी कंपनियां भी कर्मचारियों को बनाए रखने के लिए ESOPs का इस्तेमाल करती हैं।
