शानदार प्रॉफिट से निवेशकों को राहत
HDFC Bank ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक ने ₹74,671.29 करोड़ का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) कमाया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर की तुलना में 10.9% की शानदार बढ़ोतरी है। वहीं, कंसोलिडेटेड PAT ₹76,025.97 करोड़ रहा। बैंक का नेट रेवेन्यू (Net Revenue) ₹4,95,462.81 करोड़ दर्ज किया गया।
डिविडेंड और डेट इश्यू को मिली मंजूरी
18 अप्रैल, 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में इन नतीजों को हरी झंडी मिली। इसके अलावा, बोर्ड ने प्रति इक्विटी शेयर ₹13.00 का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है। अंतरिम डिविडेंड को मिलाकर FY26 के लिए कुल डिविडेंड ₹15.50 प्रति शेयर होगा, जो शेयरहोल्डर्स की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
बैंक ने भविष्य की ग्रोथ के लिए ₹60,000 करोड़ तक के डेट इंस्ट्रूमेंट्स (Perpetual Debt Instruments, Tier II Capital Bonds, Long-term Bonds) जारी करने को भी मंजूरी दे दी है। यह फंड अगले 12 महीनों में प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जुटाया जाएगा और इसका इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर सब-सेक्टर को फाइनेंस करने के लिए किया जाएगा।
कैपिटल और एसेट क्वालिटी में सुधार
बैंक की कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) मार्च 2026 में बढ़कर 19.7% हो गई, जो मार्च 2025 में 17.9% थी। यह रेगुलेटरी जरूरत से काफी ज्यादा है। वहीं, एसेट क्वालिटी में भी सुधार दिखा है, नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) घटकर 0.38% पर आ गए हैं (मार्च 2025 में 0.45% थे)।
अन्य अहम फैसले
बैंक अपने एम्प्लॉई स्टॉक इंसेटिव स्कीम (Employee Stock Incentive Scheme) 2022 में कुछ संशोधन का प्रस्ताव भी शेयरहोल्डर्स के सामने रखेगा, जिसके लिए उनकी मंजूरी की जरूरत होगी।
FY26 में HDFC Bank का स्टैंडअलोन प्रॉफिट ₹74,671 करोड़ रहा, जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का अनुमानित प्रॉफिट करीब ₹76,044 करोड़ और ICICI Bank का करीब ₹44,435 करोड़ रहा।
