HDFC Bank ने 22 अप्रैल 2026 को अपने कर्मचारियों को बड़ी संख्या में शेयर जारी किए हैं। यह कदम बैंक की एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन स्कीम (ESOS) और रेस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट (RSU) योजनाओं के तहत उठाया गया है। कुल 17,84,256 इक्विटी शेयर, जिनका फेस वैल्यू ₹1 प्रति शेयर है, कर्मचारियों को आवंटित किए गए हैं।
इस शेयर आवंटन के बाद, HDFC Bank का कुल पेड-अप शेयर कैपिटल बढ़कर 15,39,51,52,584 शेयर हो गया है, जो पहले 15,39,33,68,328 शेयर था।
इस तरह के शेयर जारी करना बैंकों के लिए एक आम बात है। इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को कंपनी की ग्रोथ में भागीदार बनाकर उन्हें प्रेरित करना और बेहतर प्रतिभा को बनाए रखना है। हालांकि, नए शेयर जारी होने से मौजूदा शेयरधारकों के स्वामित्व प्रतिशत में मामूली कमी (dilution) आती है, बशर्ते उनके शेयरों की संख्या स्थिर रहे।
HDFC Bank अपनी ESOP योजनाओं का उपयोग कर्मचारियों को रिवॉर्ड देने और बनाए रखने के लिए लगातार करता रहा है। हाल ही में, 18 अप्रैल 2026 के आसपास, बैंक ने रेस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट्स (RSUs) और उनके वेस्टिंग टर्म्स को लेकर भी कुछ बदलाव किए थे।
यह अभ्यास भारतीय बैंकिंग सेक्टर में काफी आम है। उदाहरण के लिए, ICICI Bank ने भी 21 अप्रैल 2026 को अपनी एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन स्कीम के तहत 912,191 इक्विटी शेयर आवंटित किए थे।
इस शेयर आवंटन से कंपनी के आउटस्टैंडिंग इक्विटी शेयरों की कुल संख्या में मामूली वृद्धि हुई है, और मौजूदा शेयरधारकों के स्वामित्व प्रतिशत में भी आंशिक कमी आई है।
