कंपनी ने कैसे जुटाई फंडिग?
HDB Financial Services ने 1096 दिनों के टेन्योर वाले सिक्योरड रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) इश्यू किए हैं। इन NCDs पर 7.3517% का कूपन रेट मिलेगा और ये 18 मई 2029 को मैच्योर होंगे। ये डिबेंचर्स प्राइवेट प्लेसमेंट के ज़रिए जारी किए गए हैं और जल्द ही BSE होलसेल डेट मार्केट में लिस्ट किए जाएंगे।
क्यों है ये अहम?
इस फंड रेज़ से HDB Financial Services के पास अब पर्याप्त कैश आ गया है, जो कंपनी के रोज़मर्रा के कामकाज और लेंडिंग एक्टिविटीज़ के लिए बेहद ज़रूरी है। एक प्रमुख एनबीएफसी (NBFC) के तौर पर कंपनी की ग्रोथ के लिए इस तरह की फंडिंग बहुत महत्वपूर्ण है। इन NCDs का 'सिक्योर्ड' होना निवेशकों के लिए भी एक भरोसे का संकेत है।
HDB Financial Services की कहानी
HDB Financial Services, HDFC Bank की सब्सिडियरी है और देश की बड़ी नॉन-बैंकिंग फाइनेंसियल कंपनियों में से एक है। यह कंपनी रिटेल ग्राहकों और छोटे बिज़नेस को कई तरह के लोंस और फाइनेंसियल सर्विस देती है। एक लेंडिंग इंस्टीच्यूशन होने के नाते, HDB Financial को अपने लोन पोर्टफोलियो को बढ़ाने के लिए लगातार फंड की ज़रूरत रहती है। कंपनी ने पहले भी NCDs जैसे डेट इंस्ट्रूमेंट्स के ज़रिए फंड रेज़ किया है।
निवेशकों और ऑपरेशंस पर असर
शेयरहोल्डर्स को कंपनी की मजबूत फंडिंग से फायदा होगा, क्योंकि यह ऑपरेशंस और भविष्य की लेंडिंग को सपोर्ट करेगा। यह नया लॉन्ग-टर्म डेट कंपनी को एसेट्स और लायबिलिटीज़ को बेहतर ढंग से मैनेज करने में भी मदद करेगा। निवेशकों को BSE होलसेल डेट मार्केट पर ट्रेड करने के लिए एक नया डेट इंस्ट्रूमेंट मिला है।
इंडस्ट्री में कहां है HDB?
HDB Financial Services एक कॉम्पिटिटिव एनबीएफसी (NBFC) मार्केट में ऑपरेट करती है। Bajaj Finance और Cholamandalam Investment & Finance Company जैसी कंपनियां भी अक्सर डेट मार्केट से फंड जुटाती हैं। FY24 में Bajaj Finance का टोटल बरोइंग लगभग ₹90,000 करोड़ था, वहीं Cholamandalam Investment का ₹48,000 करोड़ के आसपास था। HDB का यह ₹300 करोड़ का इश्यू, लेंडिंग के लिए पर्याप्त कैपिटल बनाए रखने की इंडस्ट्री की कॉमन प्रैक्टिस का हिस्सा है।
अहम फाइनेंशियल आंकड़े
HDB Financial Services ने FY24 के अंत तक ₹49,094 करोड़ का टोटल डेट रिपोर्ट किया था। कंपनी का डेट/इक्विटी रेश्यो FY24 में 4.7 था।