SEBI के मापदंडों को पूरा नहीं करने के कारण, Gujarat Credit Corporation Ltd को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 'लार्ज कॉर्पोरेट' (Large Corporate) का दर्जा नहीं मिलेगा। कंपनी का 31 मार्च, 2026 तक का बकाया उधार (outstanding borrowings) ₹20.97 करोड़ रहा, जो 'लार्ज कॉर्पोरेट' स्टेटस के लिए जरूरी ₹1,000 करोड़ के थ्रेशोल्ड (threshold) से काफी कम है। इसके अलावा, कंपनी 'AA' या उससे ऊपर की क्रेडिट रेटिंग की शर्त को भी पूरा नहीं करती है।
इस वजह से, Gujarat Credit Corporation को SEBI के 'इनिशियल डिस्क्लोजर' (Initial Disclosure) के अनिवार्य नियम से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छूट मिल गई है। यह छूट कंपनी को अतिरिक्त अनुपालन बोझ (compliance burden) और प्रशासनिक लागतों से बचाएगी, जिससे वह अपने मुख्य कारोबार पर ध्यान केंद्रित कर सकेगी।
SEBI ने साल 2023 में 'लार्ज कॉर्पोरेट' फ्रेमवर्क के तहत बकाया लॉन्ग-टर्म उधार (long-term borrowings) की सीमा को ₹100 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ किया था, जिसमें 'AA' क्रेडिट रेटिंग की शर्त भी शामिल है। इस पैमाने के अंतर को समझने के लिए, वित्तीय सेवा क्षेत्र की Cholamandalam Investment and Finance Company Ltd जैसी कंपनियां ₹1,99,000 करोड़ से अधिक की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) का संचालन करती हैं, जो Gujarat Credit Corporation के मौजूदा उधार स्तरों से काफी बड़ा अंतर दर्शाता है।
