वारंट्स के जरिए कैपिटल बेस मजबूत
Golden Legand Leasing & Finance Ltd. ने 23 गैर-प्रमोटर निवेशकों को 6.63 करोड़ कन्वर्टिबल वारंट्स जारी करने का फैसला किया है। इस डील की कुल कीमत ₹86 करोड़ है। कंपनी ने इस सौदे के तहत ₹21.50 करोड़ (कुल राशि का 25%) का अग्रिम भुगतान प्राप्त कर लिया है।
ये वारंट्स अलॉटमेंट की तारीख, 27 मार्च 2026, से अगले 18 महीनों के भीतर ₹12.96 प्रति शेयर की दर पर इक्विटी शेयर्स में बदले जा सकते हैं। यह कदम नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के लिए अपनी पूंजी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
डिजिटल पेमेंट की ओर कदम
इस वारंट कन्वर्जन से भविष्य में कंपनी को बड़ा फंड मिल सकता है, जिसका इस्तेमाल वह अपने बिजनेस विस्तार, कर्ज कम करने या बैलेंस शीट मजबूत करने में कर सकती है। यह NBFC अपने टेक्नोलॉजी-संचालित वित्तीय सेवाओं की ओर ट्रांजिशन को बढ़ावा देने के लिए इस फंड का उपयोग करेगी।
कंपनी ने मार्च 2026 में अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, Gullakkart Private Limited, को भी शामिल किया है, जो डिजिटल पेमेंट्स और प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI) सेवाओं में एंट्री को लीड करेगी।
पिछली चुनौतियां और जोखिम
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कंपनी अतीत में रेगुलेटरी जांच के दायरे में रही है। जुलाई 2022 में, SEBI ने कंपनी पर ₹10 लाख का जुर्माना लगाया था। यह जुर्माना 2013-2014 के बीच प्रेफरेंशियल वारंट्स से जुड़ी एक धोखाधड़ी योजना के लिए लगाया गया था, जिसमें कथित तौर पर कंपनी के अपने फंड का इस्तेमाल निवेशकों को पैसा देने के लिए किया गया था। SEBI ने 2019 में भी GLLFL के शेयर में हेरफेर के लिए संस्थाओं पर जुर्माना लगाया था।
वारंट्स का इक्विटी शेयर्स में पूरी तरह से कन्वर्जन होने पर शेयरधारकों के लिए संभावित डाइल्यूशन (शेयरों का बंट जाना) का जोखिम है। साथ ही, यदि 18 महीनों के भीतर वारंट्स कन्वर्ट नहीं होते हैं, तो वे लैप्स हो जाएंगे और अग्रिम भुगतान जब्त हो जाएगा।
वित्तीय स्थिति
Q3 फाइनेंशियल ईयर 2026 तक, Golden Legand Leasing ने ₹57.38 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹5.62 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जो लाभप्रदता को लेकर चल रही चुनौतियों को दर्शाता है।
