SEBI के नियमों का पालन, कब तक रहेगा प्रतिबंध?
सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के 'प्रोहिबिशन ऑफ इनसाइडर ट्रेडिंग रेगुलेशंस, 2015' के तहत, Glance Finance Ltd ने यह घोषणा की है। यह ट्रेडिंग विंडो कंपनी के 'कनेक्टेड पर्सन्स' और 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स' के लिए 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी रूप से बंद हो जाएगी।
यह विंडो कंपनी के 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाले तिमाही और पूरे वित्तीय वर्ष के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों की आधिकारिक घोषणा के 48 घंटे बाद तक बंद रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी अंदरूनी जानकारी (inside information) का फायदा उठाकर ट्रेडिंग न की जा सके, जिससे बाजार में निष्पक्षता बनी रहे।
कंपनी की पृष्ठभूमि और हालिया प्रदर्शन
Glance Finance Ltd एक मुंबई-आधारित नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है, जिसकी स्थापना 1994-1995 में हुई थी। यह कंपनी लेंडिंग, इन्वेस्टमेंट और एसेट लीजिंग जैसी वित्तीय सेवाएं प्रदान करती है।
हालिया नतीजों की बात करें तो, 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए, कंपनी ने ₹4.50 करोड़ की कुल आय दर्ज की थी। यह पिछली तिमाही की तुलना में 52.58% की गिरावट दर्शाता है। इसी अवधि में, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹0.75 करोड़ रहा।
इनसाइडर ट्रेडिंग पर SEBI की सख्ती
इस क्लोजर पीरियड के दौरान, 'डेजिग्नेटेड एम्प्लॉइज' और उनके करीबी रिश्तेदारों को कंपनी के शेयरों या अन्य किसी भी इंस्ट्रूमेंट्स में ट्रेडिंग करने की सख्त मनाही होगी। SEBI लगातार इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों को मजबूत कर रहा है, और हालिया बदलावों के तहत, नामित व्यक्तियों के तत्काल रिश्तेदारों को भी इन प्रतिबंधों में शामिल किया गया है।
उद्योग में यह एक सामान्य प्रथा
वित्तीय नतीजों की घोषणा से पहले ट्रेडिंग विंडो बंद करना भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड NBFCs और वित्तीय फर्मों के लिए एक सामान्य और अनिवार्य प्रक्रिया है। Asia Capital Limited और Standard Industries Limited जैसी अन्य प्रमुख कंपनियों ने भी 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाले वर्ष के लिए इसी तरह की विंडो क्लोजर की घोषणा की है, जो उद्योग भर में SEBI के नियमों के व्यापक अनुपालन को दर्शाता है।
