ट्रेडिंग विंडो क्लोजर का मकसद
यह ट्रेडिंग विंडो क्लोजर 48 घंटे तक जारी रहेगा, जब तक कि कंपनी 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाले फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों की आधिकारिक घोषणा नहीं कर देती। यह SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत एक स्टैंडर्ड प्रैक्टिस है और कंपनी के कोड ऑफ कंडक्ट का भी हिस्सा है।
किसे होगी परेशानी?
इस अवधि के दौरान, कंपनी के खास कर्मचारी और उनके करीबी रिश्तेदार कंपनी के शेयरों की खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे। Gilada Finance एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है जो व्हीकल फाइनेंसिंग, मॉर्गेज और स्मॉल बिज़नेस लोन जैसे क्षेत्रों में काम करती है। इस बैन का मुख्य मकसद अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इंफॉर्मेशन (UPSI) के आधार पर ट्रेडिंग को रोकना है, ताकि सभी निवेशकों के लिए एक समान अवसर बना रहे।
पिछली बार भी लिया था एक्शन
यह पहली बार नहीं है जब Gilada Finance ने ऐसी पाबंदी लगाई है। इससे पहले, कंपनी ने 1 जनवरी से 14 फरवरी, 2026 तक तीसरी तिमाही के नतीजों के लिए भी ट्रेडिंग विंडो बंद रखी थी। पिछले फाइनेंशियल ईयर, FY2025 में Gilada Finance ने 24.9% की शानदार सालाना नेट प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज की थी।
सेक्टर के दिग्गज भी करते हैं पालन
NBFC सेक्टर में Gilada Finance के साथ-साथ Bajaj Finance, Shriram Finance, Cholamandalam Investment and Finance, और M&M Financial Services जैसी बड़ी कंपनियां भी नियमित रूप से SEBI के इन रेगुलेशंस का पालन करती हैं।
निवेशकों को अब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की उस मीटिंग की तारीख का इंतजार रहेगा, जो Q4 और FY2025-26 के ऑडिटेड नतीजों को मंजूरी देगी। नतीजों की आधिकारिक घोषणा और ट्रेडिंग विंडो के दोबारा खुलने पर सबकी नजरें रहेंगी।
